186 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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‘‘डॉं. बी. आर. अम्बेडकर ने 14 मई, 1938 को रत्नागिरी जिले में कनकावली में कोंकण पंचमहल महार सम्मेलन को संबोधित किया। लगभग 1500 व्यक्तियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने महारों की दयनीय स्थिति की भर्त्सना की और उन्हें एक शानदार जीवन जीने तथा अपने कानूनी अधिकारों जैसे सार्वजनिक कुओं तथा धर्मशाला, शिक्षा आदि का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी से जुड़ने की सलाह दी क्यांकि कांग्रेस ने दलित वर्गों के लिए ऐसा कुछ नहीं किया था जो उसने उन ब्राह्मणों और व्यापारियों के लिए किया जोकि उनकी गरीबी के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि वे भारत से ब्रिटिश साम्राज्यवादियों को निष्कासित करने के इतने इच्छुक नहीं थे जितना कि वे कांग्रेस से संपन्न लोगों को निकालने के इच्छुक थे। अंत में उन्होंने खोती प्रणाली, दासता उन्मूलन विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।
अन्य बातों के साथ-साथ एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें महार वतन विधेयक और खोती प्रणाली उन्मूलन विधेयक का समर्थन किया गया जिसे प्रस्तुत विधानसभा में डॉ. अंबेडकर द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
ह./-
अधीक्षक, एस.बी., सीआईडी
30 मई, 1938 ख्1,
1 दि बांबे सीक्रेट एब्सेट्रेक्ट, 21 मई, 1938