187
48
‘‘डॉं. बी. आर. अम्बेडकर ने प्रेम भाई हाल, अहमदाबाद में 22/23
अक्तूबर, 1938 को, वहां रूककर एक बैठक को संबोधित किया।
‘‘उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीति में वे गांधी के विरोधी हैं।
इसका कारण यह था कि उन्हें गांधी में कोई विश्वास नहीं था। उन्हें इस बात का
भरोसा नहीं था कि गांधी दलित वर्गों के लिए कोई भी अच्छा काम करेंगे। उन्होंने
कहा यदि गांधी ईमानदार थे तो वे बंबई और सीपी के मंत्रियों से अपने मंत्रालयों
में दलित वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए क्यां नहीं कहते। उन्होंने
दृढ़तापूर्वक कहा कि बंबई की कांग्रेस सरकार न तो भू-राजस्व घटा रही थी और न
अमीर लोगों पर कर लगाने को तैयार थी। पिछली सरकार ने खेती के लिए दलित
वर्गों को परती भूमि मंजूर करने, पुलिस सेवाओं में दलित वर्गों की भर्ती करने तथा
सरकारी विभागों में दलित वर्गों के लिए किंचित आरक्षण किए जाने की सिफारिश
की थी। लेकिन कांग्रेस सरकार ने उनकी कोई चिंता नहीं की। ख्1,
1 कीर, पृष्ठ 311-312