190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
विश्वास रख सकते थे।’’ उन्होंने कहा ‘‘कि इस राष्ट्र को पहले विदेशी शासन से मुक्त किया जाना है और इस प्रयोजन के लिए सभी उपलब्ध बलों को एकजुट हो जाना चाहिए तथा अपने पूर्व अनुभवों और परंपराओं के साथ कांग्रेस यह काम करने के लिए सर्वोत्तम है।’’
इस मौके पर इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने ऊपर उद्धृत वक्तव्य दिया कि वे और उनका दल ऐसे किसी भी आंदोलन में कांग्रेस का साथ देने को तैयार थे जो वह फेडरेशन अथवा साम्राज्यवाद को खत्म करने के लिए शुरू करे, यह कि उनका दल कांग्रेस द्वारा पद खाली करने पर मंत्रिमंडल में पद स्वीकार नहीं करेगा तथा संविधान के समर्थन के लिए अन्य को मंत्रालयी कार्यालयों का प्रयोग करने से रोकेगा।
स्वामी सहजानंद इस घोषणा से अत्यधिक प्रभावित हुए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मौजूदा नेता चाहे कुछ भी कहें अथवा कुछ भी करें, साम्राज्यवाद के विरुद्ध संघर्ष दूर नहीं है।’’ ख्1,
1 बांबे क्रानिकल, 27 दिसंबर, 1938
प्रेस रिपोर्ट में स्वागत स्थल का कोई उल्लेख नहीं है - संपादक।