192 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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उत्तम चरित्र के व्यक्ति बनें
श्रमिक हड़ताल के संबंध में सरकारी जांच समिति ने पिछले वर्ष 7 नवंबर के बाद से जो अपनी बैठकें शुरू की, उनमें पहली बार समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रमाण की प्रकृति के बारे में इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के नेता डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने एक सीधा प्रहार किया। यह मौका पार्टी की स्वयंसेवक कोर की वार्षिक परेड का था, जिसका आयोजन रविवार दिनांक 8 जनवरी, 1939 को सवेरे कामगार मैदान में किया गया। उसमें बढि़या कपड़े पहने हुए 2500 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया तथा पार्टी के 20000 सदस्यों और अनुयायियों की भीड़ ने समारोह देखा।
इस मौके पर डॉ. अंबेडकर ने कहा,
‘‘जो प्रमाण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं इस समय मैं उनके ब्यौरों की चर्चा नहीं करूंगा क्योंकि समिति की बैठकें अभी भी हो रही हैं और क्रियाविधि ‘निर्णयाधीन’ है। लेकिन मुझे दुनिया के सामने इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की स्वयंसेवक कोर, जिसके विरुद्ध समिति के समक्ष गवाहों द्वारा दिन प्रतिदिन गलत और द्वेषपूर्ण आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी प्रकृति और परंपराएं अवश्य प्रस्तुत करनी है।
‘‘मैं केवल दो घटनाओं का उल्लेख करूंगा जबकि स्वयंसेवक कोर की केवल उसके मित्रों और हितैषियों द्वारा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के नेताओं द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई थी।’’
स्वयंसेवकों के प्रति माननीय श्री खेर और सरदार पटेल द्वारा की गई प्रशंसाओं का उल्लेख करने के बाद डॉ. अम्बेडकर ने कहाः
‘‘इसके अलावा हमारे अधिकांश स्वयंसेवकों और पुरुषों ने अनेक वर्षों तक सेना में काम किया है। ये लोग गैर-कानूनी दुर्व्यवहार करने वाले निम्न वर्ग के लोग नहीं हैं जोकि गुंडागर्दी या बदमाशी में प्रवृत्त हों। ये लोग अपनी जिम्मेदारियां महसूस करते हैं और अनुशासनबद्ध व्यवहार में विश्वास करते हैं। क्या ये लोग ऐसे हैं जो इस प्रकार के शर्मनाक क्रियाकलापों में प्रवृत्त होंगे कि गवाहों द्वारा उन पर आरोप लगाए गए हैं?’’
तभी सीधे स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए डॉ. अंबेडकर ने कहाः