53. 12.2.1939 गाँधी किसी भी रूप में फेडरेशन को स्वीकार करने के पक्षधर। - Page 220

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को राजी थे

इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने 12 फरवरी, 1939 को बीजापुर में आयोजित बीजापुर जिला हरिजन सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा,

‘‘मैं फेडरेशन के मुद्दे पर श्री बोस के प्रति श्री गांधी का विरोध समझने में असमर्थ हूं। इसे दो ढंग से अर्थान्वित किया जा सकता हैः या तो गांधी ने बिना किसी शर्त के फेडरेशन स्वीकार करने का मन बना लिया होगा अथवा उन्हें अहिंसा और सत्याग्रह के अपने शस्त्र पर शंका रही होगी। ऐसा लगता है कि वे फेडरेशन को किसी भी रूप में स्वीकार करने को राज़ी थे।’’

उन्होंने फेडरेशन की जोरदार आलोचना की, क्योंकि उनका यह मानना था कि इससे कभी भी स्थितियों में सुधार नहीं होगा बल्कि इसके विपरीत इसके कारण भारत में गड़बड़ी और स्थिति ज्यादा खराब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वे इसे पूरी तरह सिद्ध कर सकते हैं कि कांग्रेस में, जो अब पूरी तरह एक गुट के हाथों में चली गई थी कोई ईमानदारी बची नहीं रह गई है। उन्हें विश्वास था कि वे चाहते तो गांधी की चाटुकारिता करके कांग्रेस में एक अनूठा स्थान प्राप्त कर सकते थे। वे भलीभांति यह जानते थे कि कांग्रेस की मौजूदा नीति उन्हें, कभी भी पूर्ण स्वराज तक नहीं ले जा सकेगी और इस कारण उनके मन में कांग्रेस से जुड़ने की कोई बात नहीं थी। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों से कुछ ही दिन पहले एक अलग पार्टी शुरू की थी और इसे इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी का नाम दिया था। तभी से यह पार्टी मजबूत बनती जा रही है। उनका बीजापुर आने का मुख्य उद्देश्य यह था कि यहां पर पार्टी की एक शाखा खोली जाए। ख्1,

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1 टाइम्स ऑफ इंडिया, 15 फरवरी, 1939