210 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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भारत सरकार अधिनियम और पूना समझौते के अधीन
रक्षोपाय अपर्याप्त हैं
श्री एस. सी. जोशी की अध्यक्षता में रविवार 4 फरवरी, 1940 को मझ गांव में 40000 से अधिक पुरुषों और महिलाओं की एक रैली निकाली गई।
यह रैली डॉ. अम्बेडकर के निवास स्थान से शुरू करके 5 मील लंबे जुलूस की चरम परिणति थी जिसका उद्देश्य इंडिपेंडेंट पार्टी की कोलाबा जिला शाखा के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रनाथ टिपणिस का सम्मान करना था। वे तीन महीने का कारावास भुगतकर शनिवार सबेरे थाना जेल से रिहा हुए थे। उन्हें यह कारावास खोती पद्धति की समाप्ति की हिमायत करने के लिए दिए गए एक वक्तव्य के कारण दिया गया था।
दल के अधिकांश जिला नेता और विधानसभा के दलीय सदस्य ने साथ स्वयंसेवक कोर ने भी इस जुलूस में भाग लिया जो नौकरी पेशा वर्ग की भीड़ भरी बस्तियों में से होकर नारों और तालियों के साथ गुजरा था।
रैली को संबोधित करते हुए इंडिपेंडेंट लेबर पार्टीं के नेता डॉ. अम्बेडकर ने कहा :-
‘‘भारत सरकार अधिनियम और पूना समझौते के अधीन प्रदान किए गए रक्षोपाय दलित वर्गों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह अपर्याप्त पाए गए हैं, अतः इन वर्गों को जल्दी ही ठोस प्रस्ताव और एक स्पष्ट और व्यापक प्रकृति की शर्तें जिनके ऊपर प्रशासन के साथ उनका भावी सहयोग संभव हो सकेगा, तैयार करने की तरफ अपना ध्यान देना होगा।’’ ख्1,
1 दि बांबे क्रानिकल, 6 फरवरी, 1940