212 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में टडवाल (डोकी) शोलापुर जिले में 23 फरवरी, 1941 को महार तथा मांग वतनदारों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें लगभग 3000 व्यक्तियों ने भाग लिया।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि हरिजनों की स्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के लिए गांधी के प्रयास अपर्याप्त हैं। पर उन्होंने हरिजनों के साथ व्यवहार को लेकर मैसूर और बड़ौदा राज्यों के प्रशासन की तारीफ की। लेकिन यह भी कहा कि हैदराबाद राज्य में हरिजनों के लिए विस्तारित सुविधाएं जरूरी हैं। डॉ. अम्बेडकर ने अपने भवन निर्माण निधि के लिए भी अंशदान की अपील की। तब 761 रुपए का एक पर्स प्रस्तुत किया गया। ख्1,
1 बांबे सीक्रेट एब्सट्रैक्स, 8 मार्च, 1941