70. 26.4.1942 आपका उद्धार स्वयं आपके हाथों होना चाहिए। - Page 248

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हिंदू समुदाय को असहाय बना दिया है।

‘‘मैं यह नहीं चाहता कि आप इस तरह की विनाशकारी शिक्षा ग्रहण करें। मैं यह नहीं चाहता कि आप अपने उद्धार के लिए किसी एक व्यक्तित्व पर निर्भर हों। आपका उद्धार आपके अपने प्रयासों के माध्यम से आपके अपने हाथां से होना चाहिए।’’ ख्1,

‘अंत में डॉ. अम्बेडकर ने अंग्रेज सरकार और साथ ही हिंदुओं के लिए एक चेतावनी दी। उन्होंने कहा- ‘‘अंग्रेज सरकार को यह याद रखना चाहिए कि शक्ति के अंतरण के समय दलित वर्गों को उपयुक्त गारंटी दी जाए। यदि वे ऐसा नहीं करते तो दलित वर्ग उनके पास जितनी भी शक्ति है उसके बल पर अंग्रेजों से लड़ेंगे। यदि हिंदू लोग दलित वर्गों को समुचित गारंटी प्रदान करते हैं, तो वे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध लड़ेंगे। अन्यथा उनके साथ कोई समझौता नहीं हो पाएगा।

डॉ. अम्बेडकर के 50वें जन्मदिन को मनाने के प्रयोजन से गठित जुबली समिति ने कामगार मैदान में उनके अनुयायियों द्वारा आयोजित एक विशाल बैठक में उसी शाम उन्हें 580 रुपए की थैली भेंट की। तब डॉ. एम. वी. डोंडे, म्यूनिसिपल कार्पोरेटर ने अध्यक्षता की।’’ ख्2,

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12 बांबे सेंटीनल (बांबे), 28 अप्रैल, 1942 दि बांबे क्रानिकल, 27 अप्रैल, 1942