232 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमारा वर्गीय आंदोलन अन्य वर्गों के लिए हानिकारक नहीं है। इसके अतिरिक्त हम श्रमिकों के अन्य वर्गों के साझे हितों के लिए हमेशा तैयार हैं।’’
श्री ए. वी. चित्रे ने अपनी अध्यक्षीय टिप्पणी में डॉ. अम्बेडकर से अपने नियंत्रण में श्रमिक आंदोलन के क्रियाकलापों के क्षेत्र को बढ़ाने की आवश्यकता संबंधी आग्रह किया ताकि गैर-दलित वर्गों को भी शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि वह ‘‘डॉ. अम्बेडकर को केवल दलित वर्गों के नेता के रूप में नहीं बल्कि भारत के समस्त मेहनतकश लोगों के नेता के रूप में देखना चाहते हैं।
अन्य वक्ताओं में मेसर्स सुरेन्द्रनाथ टिपणिस, नारायण नागु पाटिल, देवराव नाइक, वादवलकर और गायकवाड़ भी शामिल थे।
1 दि बांबे सेटिनल, 14 जुलाई, 1942