74. 18/19.7.1942 यदि लोकतंत्र समाप्त होता है, तो यह हमारा विनाश होगा। - Page 277

256 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

को चलाने के लिए एक केन्द्रीय राजनैतिक संगठन की स्थापना का सही समय आ गया है। इसलिए, यह सम्मेलन भारत की अनुसूचित जातियों के केन्द्रीय राजनैतिक संगठन के रूप में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिसंघ की स्थापना का संकल्प करता है तथा अनुसूचित जातियों के सभी स्थानीय राजनैतिक संगठनों से इस केन्द्रीय संगठन में अपना विलय करने और इसके माध्यम से कार्य करने की अपील करता है। इस प्रयोजन के निष्पादन के लिए यह सम्मेलन अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिसंघ का संविधान बनाने के लिए अध्यक्ष महोदय को एक समिति बनाने के लिए प्राधिकृत करता है, जिसके अध्यक्ष वह स्वयं होंगे। यह समिति अपनी रिपोर्ट एक अंतरिम परिषद को प्रस्तुत करेगी जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे जिनका अनुमोदन प्राप्त होने पर यह संविधान लागू हो जाएगाः

बंगालः श्री आर. एल. बिस्वास

श्री ए. डी. राय

श्री आर. एस. धूसिया

श्री बी. सी. मण्डल

बंबईः श्री डी. जी. जाधव

श्री पी. एन. राजभोज

श्री बी. के. गायकवाड़

पंजाबः श्री गोपाल सिंह

श्री सेठ किसनदास

सेंट्रल प्राविन्सेज (सी.पी.) और बरारः श्री आर. वी. कावाड़े

श्री के. एच. शेन्द्रे

श्री एच. एल. कोसारे

संयुक्त प्रांतः राय साहब शामलाल

राय साहब रामसहाय

डॉ. नंदलाल जायसवाल

श्री बद्रीप्रसाद बाल्मीकि

बाबू तिलकचन्द कुरील