75. 20.7.1942 शिक्षित, आंदोलन, संगठित होकर विश्वास रखें और आशा न छोड़ें। - Page 283

262 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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शिक्षित, आंदोलित, संगठित होकर, विश्वास रखें और आशा

न छोड़ें

अखिल भारतीय दलित वर्ग सम्मेलन 18 से 20 जुलाई, 1942 को नागपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वागत समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने 20 जुलाई, 1942 को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर को मानपत्र प्रस्तुत किया। और उस मानपत्र के संबंध में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के उत्तर का मसौदा नीचे प्रस्तुत हैः -संपादक। एम.ए., पीएच.डी., डी.एससी., जे.पी., बैरिस्टर-एट-ला

सदस्य, महामहिम वायसराय की कार्यकारी परिषद

को प्रस्तुत संबोधन

हमारे सबसे प्रिय बाबा साहेब,

हम, नागपुर में तीसरे अखिल भारतीय दलित वर्ग सम्मेलन की स्वागत समिति के अध्यक्ष और सदस्य आपके द्वारा 50 वर्ष की आयु पूरी करने के अवसर पर भारत के लाखों दलितों के हितों के संबंध में आपके लंबे, स्थायी और अथक उत्साह और कार्य के संबंध में अपनी कृतज्ञ प्रशंसा के प्रतीक के रूप में बहुत ही सम्मानपूर्वक आपको यह मानपत्र प्रस्तुत करते हैं।

संयोग से यह वर्ष भारत के दलित वर्गों के इतिहास में सर्वाधिक महत्वपूर्ण वर्ष है क्योंकि आपने अपनी आयु के 50 वर्ष पूरे किए हैं और अपने कार्य का क्षेत्र सक्रिय राजनीति से बदलकर कार्यपालिका में कर लिया है। आपके जीवन का इतिहास यदि कुछ है तो और कुछ नहीं बल्कि लाखों उत्पीडि़तों की प्रगति और एक व्यक्ति का त्याग है। आप हमारे लिए केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरी संस्था हैं। आप हमारे एकमात्र मार्गदर्शक, मित्र और दार्शनिक; नहीं, आप तो दलित वर्गों के एकमात्र मसीहा हैं। हमारे वर्गों के उन्नयन के लिए उचित और न्यायोचित कार्यों में आपके निरंतर और सतत प्रयास वास्तव में इन सभी लाभों, जो हमने अब तक प्राप्त किए हैं, के माध्यम हैं।