75. 20.7.1942 शिक्षित, आंदोलन, संगठित होकर विश्वास रखें और आशा न छोड़ें। - Page 286

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मुझे अपनी लड़ाई हारने का कोई कारण नजर नहीं आता। यह लड़ाई मेरे लिए एक आनंद का मामला है। यह लड़ाई पूर्ण रूप से आध्यात्मिक है। इसमें कुछ भी भौतिक अथवा सांसारिक नहीं है। हमारे लिए यह लड़ाई संपदा अथवा शक्ति के लिए नहीं है। यह लड़ाई स्वतंत्रता के लिए है। यह लड़ाई मानवीय व्यक्तित्व के सुधार के लिए है जो कि हिंदू सामाजिक प्रणाली द्वारा दबाई और ़छिन्न-भिन्न की गई है और ऐसे ही दबाई और छिन्न-भिन्न की जाती रहेगी। यदि इस राजनीतिक संघर्ष में हिंदू जीत जाते हैं और हम हार जाते हैं, तो आपके लिए मेरी अंतिम सलाह ये है कि शिक्षित हों, आंदोलित हों और संगठित हों, अपने आपमें विश्वास रखें और आशा कभी न छोड़ें। मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा, जैसा कि मैं जानता हूं आप हमेशा मेरे साथ रहेंगे।’’ ख्1,

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1 रिपोर्ट ऑफ डिप्रेस्ड क्लासेज कांफ्रेंस, नागपुर अधिवेशन, जुलाई, 1942