76 20.7.1942 समाज की प्रगति का मूल्यांकन महिलाओं की प्रगति के आधार पर किया जाता है। - Page 288

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सम्मेलन के इस खुले सत्र में लंबे-लंबे भाषणों के बिना प्रस्तुत किया जाए, ताकि कार्यवाहियां कम समय में पूरी की जा सकें।

अब मैं अध्यक्ष पद से पहला संकल्प प्रस्तुत करती हूं जो निम्नानुसार हैः-

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संकल्प संख्या 1

  1. यह कि ये सम्मेलन नागपुर में 19 जुलाई, 1942 को आयोजित तीसरे ‘‘अखिल भारतीय दलित वर्ग सम्मेलन’’ में पारित सभी संकल्पों का हार्दिक समर्थन करता है।

अब मैं इस संकल्प पर मतदान कराती हूं। क्योंकि कोई विरोध नहीं है, मैं इस संकल्प को सर्वसम्मति से पारित घोषित करती हूं।

इसके पश्चात् अध्यक्ष ने सुश्री प्रभावती बाई रामटैक ने संकल्प संख्या 2 और 3 प्रस्तुत करने के लिए कहा।

सुश्री प्रभावती रामटैक ने कहा, ‘‘अध्यक्ष, प्रतिनिधियो, और मित्रो,

‘‘मैं उन संकल्पों को पढ़ूंगी जोकि मुझे पढ़ने के लिए दिए गए हैंः संकल्प संख्या 2

तलाक का कानूनः

यह कि यह सम्मेलन यह संकल्प करता है कि महिलाओं द्वारा उनके पति को तलाक दिए जाने के अधिकार को कानून द्वारा मान्यता प्रदान की जाए, और इसको सफल बनाने के लिए यह सम्मेलन सरकार से और समाज के नेताओं से कानून में आवश्यक परिवर्तन करने का अनुरोध करता है। संकल्प संख्या 3

बहुविवाहः

यह कि यह सम्मेलन हमारे समाज में विद्यमान बहुविवाह के विचार से घृणा करता है क्योंकि यह महिलाओं के प्रति अन्याय है और इसलिए सरकार से इस कुरीति को रोकने अथवा रूपांतरित करने के लिए कानून में आवश्यक संशोधन अथवा परिवर्तन करने के लिए अनुरोध करता है।

ये संकल्प दीर्घकालीन मांगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम प्रत्येक मंच से