268 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इनको दोहरा रहे हैं। उनके लिए मेरे भाषण की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं आपके द्वारा उन्हें स्वीकार किए जाने की सिफारिश करती हूं।’’
अध्यक्ष श्रीमती डोंगरे ने सुश्री भीमाबाई बाडगे से इन संकल्पों को अनुमोदित करने का आह्वान किया। तदनुसार उन्होंने इन संकल्पों का अनुमोदन किया। क्योंकि उनका कोई विरोध नहीं हुआ अध्यक्ष ने उनको सर्वसम्मति से पारित घोषित किया।
अध्यक्ष ने संकल्प संख्या 4 को प्रस्तुत करने का आह्वान किया जोकि श्रीमती राधाबाई कांबले द्वारा प्रस्तुत किया गया।
श्रीमती राधाबाई कांबले ने कहा, ‘‘अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि बहनो, मैं आपसे सर्वसम्मत स्वीकृति के लिए निम्नलिखित संकल्प प्रस्तुत करती हूं।
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संकल्प संख्या 4
यह कि यह सम्मेलन प्रस्ताव करता है कि मिलों, बीड़ी फैक्टरियों, नगरपालिकाओं और रेलवे में महिला कामगारों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए उनके अधिकारों को निम्नानुसार मान्यता प्रदान की जाएः-
(क) यह कि वे अन्य कर्मचारियों के मामले के अनुसार, वे भी एक वर्ष में 21 दिनों के आकस्मिक अवकाश और कम से कम एक माह के अवकाश की हकदार हैं।
(ख) यह कि ड्यूटी अथवा कार्य के समय इन कामगारों को दुर्घटनावश होने वाली मृत्यु, अथवा चोट के मामले में इनको अथवा इनके बच्चों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
(ग) यह कि उनके द्वारा 20 वर्ष कार्य करने की अवधि पूरी करने के पश्चात उनको कम से कम 15 रुपए की पेंशन प्रदान की जाए, और यह सम्मेलन सरकार तथा महामहिम वायसराय की कार्यकारी परिषद के श्रम सदस्य से यह अनुरोध करता है कि इन शिकायतों को दूर करने के लिए कानून द्वारा आवश्यक प्रावधान किए जाएं।’’
श्रीमती जयबाई चौधरी ने संकल्प का अनुमोदन किया।
श्रीमती जयबाई चौधरी ने कहा,