269
अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि बहनो,
मैं हृदय से इस संकल्प का अनुमोदन करती हूं। हममें से लगभग सभी श्रमिक हैं और यह बहुत आवश्यक है कि इस संकल्प में उल्लिखित प्रावधान करने के लिए कानून में संशोधन किया जाना चाहिए। इन प्रावधानों की अनुपस्थिति में अनेक श्रमिक परिवार कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। मैं आपके द्वारा सर्वसम्मति से इस संकल्प को पारित किए जाने की सिफारिश करती हूं।
अध्यक्ष ने इस संकल्प को सर्वसम्मति से पारित घोषित कर दिया। इसके पश्चात् अध्यक्ष ने सुश्री मंजुला कानफाडे से संकल्प संख्या 5 को प्रस्तुत करने के लिए कहा।
सुश्री मंजुला कानफाडे ने सर्वसम्मत स्वीकृति के लिए संकल्प संख्या 5 प्रस्तुत किया। संकल्प संख्या 5
शिक्षाः
(क) यह कि इस सम्मेलन का विचार है कि दलित वर्गों में महिलाओं की शिक्षा का प्रतिशत बहुत कम है और यह कि उनमें शिक्षा का प्रसार बढ़ाने के लिए यह सम्मेलन सरकार से अनुरोध करता है कि प्रत्येक प्रांत में प्रांतीय सरकार को अपने
खर्च पर कम से कम 50 दलित वर्ग की छात्राओं के छात्रावास चलाने चाहिए।
(ख) यह कि यह सम्मेलन सरकार से अनुरोध और अपील करता है कि दलित वर्गों की अत्यंत निर्धनता, जो उन्हें स्कूलों और कालेजों में माध्यमिक और उच्च शिक्षा प्राप्त करना असंभव बनाती है, को देखते हुए प्रत्येक प्रांतीय सरकार को दलित वर्गों के ऐसे विद्यार्थियों को निःशुल्कता और छात्रवृत्ति देनी चाहिए जो माध्यमिक और कालेज शिक्षा लेने के लिए इच्छुक हों।
(ग) यह कि दलित वर्गों की महिलाओं में आम निरक्षरता को ध्यान में रखते हुए यह सम्मेलन देश की सभी प्रांतीय सरकारों से अनुरोध करता है कि वे कानून के माध्यम से उनमें अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा के लिए तत्काल उपाय करें और उन्हें लागू करे।
इस संकल्प को किसी भाषण की आवश्यकता नहीं है और मैं इसे आपकी सर्वसम्मत स्वीकृति के लिए संस्तुत करती हूं।