77. 20.7.1942 मैं अहिंसा और दब्बूपन के बीच अंतर करता हूं। - Page 295

274 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री गोपाल सिंह (अध्यक्ष) ने श्री यू. एल. कारंदीकर, बंबई से पहला संकल्प प्रस्तुत करने को कहा।

श्री यू. एल. करांदीकर ने कहा,

श्रीमान अध्यक्ष महोदय मुझे दिया गया संकल्प इस प्रकार हैः- संकल्प संख्या 1

अखिल भारतीय दलित वर्ग सम्मेलन का समर्थन करे :

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(क) यह कि अखिल भारतीय समता सैनिक दल सम्मेलन, अखिल भारतीय दलित वर्ग सम्मेलन में पारित संकल्पों का हार्दिक समर्थन करता है, और सभी संभव तरीकों अर्थात् भौतिक आर्थिक और नैतिक रूप से उक्त संकल्पों के प्रावधानों को क्रियान्वित करने के दृढ़ निश्चय की घोषणा करना है।

दल की शाखाएंः

(ख) यह कि यह सम्मेलन समता सैनिक दल के प्रशंसकों और समर्थकों से प्रत्येक प्रांत और प्रांतों के प्रमुख नगरों में समता सैनिक दल की शाखाओं को स्थापित करने का अनुरोध और अपील करता है। संविधानः

(ग) यह कि यह सम्मेलन संकल्प करता है कि अखिल भारतीय समता सैनिक दल के लिए एक संविधान बनाया जाए और इस प्रयोजन के लिए निम्नलिखित सज्जनों की एक समिति का गठन किया जाए। इस समिति द्वारा बनाए गए संविधान को मध्य प्रांत, बेरार और बंबई प्रांतों के समता सैनिक दल के पदाधिकारियों की संयुक्त उप-समिति को प्रस्तुत किया जाए जिनके अनुमोदन पर यह लागू हो जाएगा।

(1) श्री एम. एम. ससालेकर, बंबई

(2) श्री एस. बी. जाधव

(3) श्री आर. आर. पाटिल, नागपुर

(4) श्री ए. एल. कोसारे, बी.ए., नागपुर

(5) श्री पी. एल. के. तालिब, पीएच. डी., लखनऊ