77. 20.7.1942 मैं अहिंसा और दब्बूपन के बीच अंतर करता हूं। - Page 296

275

यह संकल्प बहुत स्पष्ट है और इसके लिए किसी भाषण की आवश्यकता नहीं है। मैं आपके द्वारा सर्वसम्मत स्वीकृति के लिए इसकी सिफारिश करता हूं।

श्री एम. एम. ससालेकर ने इसका अनुमोदन किया।

इस संकल्प को निम्नलिखित सज्जनों द्वारा समर्थित किया गयाः

(1) श्री पी. जे. रोहाम, एमएलए (बंबई)

(2) श्री परमार (सिंध)

(3) श्री पी. एल. के. तालिब, एम.ए., एलएल. बी., पीएच. डी. (लखनऊ)

(4) श्री डी. जी. जाधव, बी.ए., एलएल.बी., एमएलए (जलगांव)

(5) श्री बी. के. गायकवाड़, एमएलए (नासिक)

श्री गोपाल सिंह, अध्यक्ष ने कहा चूंकि इसका कोई विरोध नहीं है, अतः मैं इस संकल्प को सर्वसम्मति से पारित घोषित करता हूं। [*]

अध्यक्ष ने दूसरा संकल्प प्रस्तुत करने के लिए श्री एस. बी. जाधव को आमंत्रित किया।

तदनुसार श्री एस. बी. जाधव ने सर्वसम्मत स्वीकृति के लिए संकल्प प्रस्तुत किया।

kØke d r
d s
fo #)
la; qD r
e ksp

संकल्प संख्या 2

  1. यह कि भारत को फासिस्ट आक्रामकता से तत्काल खतरा है और जर्मन तथा जापानी सेनाओं द्वारा हमारी मातृभूमि पर आक्रमण सन्निकट है। इस गंभीर घड़ी में राष्ट्र के सामने सबसे मुख्य कार्य तत्काल फासिस्ट विरोधी आक्रामकता तैयार करना है। यह सम्मेलन इसलिए भारत के लोगों से तत्काल इस प्रकार का संयुक्त मोर्चा बनाने का आह्वान करता है।

श्री एस. वी. गायकवाड़ ने संकल्प का अनुमोदन किया।

श्री गोपाल सिंह, अध्यक्ष ने संकल्प को सर्वसम्मति से पारित घोषित किया।

* परिशिष्ट II पर समता सैनिक दल का संविधान देखें।