78. 21.7.1942 मैं आपके साथ रहूंगा। - Page 301

280 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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बंबई, मंगलवार

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, सदस्य, श्रम सदस्य, भारत सरकार ने अपने सम्मान में नेशनल सीमेंस यूनियन के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा ताजमहल होटल में 21 जुलाई, 1942 मंगलवार की शाम को दी गई चाय पार्टी में बोलते हुए यह आश्वासन दिया कि वह इस देश में कामकाजी वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए अपने सर्वोत्तम प्रयास करेंगे।

डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि उन्होंने जिस सरकार में कार्यभार ग्रहण किया था वह सैद्धांतिक तौर पर युद्ध में सहायता के प्रयोजन के लिए गठित की गई थी और इस सरकार को केवल इस बात के लिए पुनर्गठित सरकार नहीं मान लिया जाना चाहिए कि इसके पास देश के आर्थिक और सामाजिक जीवन की पुनर्संरचना संबंधी एक कार्यक्रम है।

भारतीय मछुआरों की स्थिति का संदर्भ लेते हुए डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि भारतीय मछुआरे भारत की कामगार आबादी का सबसे महत्वपूर्ण भाग होने जा रहे हैं। बहुत बड़े समुद्री तट के कारण भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता एक नौसेना की है और भारत की नौसेना और भारतीय व्यापारिक जहाजों में भारतीय मछुआरों की स्थिति वास्तव में बहुत बड़ी बात होगी।

नेशनल सीमेंस यूनियन के श्री ए. एच. मिर्जा और खान साहिब एम. ई. सेरांग ने भारतीय मछुआरों की मैनिंगस्केल का न होना, आम बोर्ड शिप्स पर काम के घंटों का निर्धारण और प्राकृतिक कारणों से मृत्यु को प्राप्त होने वाले मछुआरों के लिए क्षतिपूर्ति संबंधी प्रावधान के अभाव जैसी कुछ परेशानियों का संदर्भ दिया। उन्होंने इस युद्व में 20000 भारतीय मछुआरों द्वारा दी गई सेवाओं का संदर्भ दिया और आग्रह किया कि अंतर्राष्ट्रीय समुद्रवर्ती सम्मेलन 1936 के निष्कर्षों का अनुसमर्थन किया जाए।

इस बैठक में सर सुल्तान चिनाय, श्री आस्कर एच. ब्राउन, चीफ प्रेसीडेंंसी मजिस्ट्रेट, श्री आर. माथालोन, डॉ. एवं श्रीमती जे. ए. कोलाको, डॉ. एम. आर. ए. बेग, बंबई के शेरिफ और नौवहन कंपनियों के पदाधिकारी उपस्थित थे।’’ ख्1,

1 द बांबे क्रानिकल, 22 जुलाई, 1942    