294 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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अधिकारों का उपयोग करने योग्य बनो
अनुसूचित जाति फेडरेशन ने 5 दिसम्बर, 1943 को शाम के समय गोकुलदास पास्ता रोड, दादर के निकट एक मैदान में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर, सदस्य, वायसराय कार्य परिषद का स्वागत किया। श्री वी.वी. जाधव ने स्वागत समारोह की अध्यक्षता की।
पिछडे़ वर्ग के अनेक संगठनों ने फूलमालाएं पहनाकर डॉ. बी.आर. अम्बेडकर का स्वागत किया।
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने स्वागत सम्मान का उत्तर देते हुए वायसराय की कार्य-परिषद के सदस्य के रूप में अपने क्रियाकलाप की एवं उन प्रयासों की झलक प्रस्तुत की, जो उन्होंने अनुसूचित जातियों के लिए हिंदुओं और मुसलमानों के साथ बराबरी की स्थिति प्राप्त करने लिए तथा विधानमंडलों में और अधिक सीटें प्राप्त करने के लिए किए थे। उन्होंने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए सरकार से तीन लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध करने में कामयाब रहे हैं।
उन्होंने सभा के श्रोताआें को बड़ी संख्या में फेडरेशन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि वही संस्था उनके राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ सकती है। उन्होंने उनसे कहा कि वे शिक्षित हों, सामान्य भलाई के लिए संगठित हों, और मांगे जाने वाले अधिकारों का उपयोग करने की योग्यता प्राप्त करें। ख्1,
1 द बम्बई क्रानिकल, 6 दिसंबर, 1943