302 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने घोषणा की कि दलित वर्ग भारत की आजादी की चाह में किसी अन्य समाज से पीछे नहीं हैं, लेकिन उन्हें देश की स्वाधीनता के साथ-साथ अपने समाज की स्वाधीनता चाहिए।
हैदराबाद राज्य अनुसूचित जाति फेडरेशन द्वारा डॉ. अम्बेडकर को भेंट किए गए मानपत्र में गांधी-जिन्ना वार्ता का उल्लेख किया गया था। उसमें कहा गया था कि कोई भी आपसी समझौता या करार, चाहे खुलेआम हो या गुप्त रूप से, तब तक दलित वर्गों पर लागू नहीं होगा जब कि उनके विश्वासपात्र नेता डॉ. अम्बेडकर का समर्थन उसे नहीं मिलेगा। ख्4,
4 द टाइम्स ऑफ इंडिया, 22 सिंतबर, 1944