5. 8.8.1930 एक देश, एक संविधान एक और भाग्य की भावना से जुड़े लोग स्वाधीन होने का जोखिम उठाते हैं। - Page 34

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कृपा करके अग्रिम 15 फरवरी से पहले सूचित करें व अपने विचारों से अवगत करायें कि यह कांग्रेस आयोजन कहां तक तर्कसंगत है और इसकी अध्यक्षता के लिए भी नाम की प्रस्तावना कर हमें अनुग्रहीत करें।

धन्यवाद,

आप के शुभचिंतक

हरदास एल.एन.’, सचिव, ए.आई.डी.सी.सी.सी., नागपुर ख्1, श्री शिवराम जानबा काम्बले का उत्तरः

कामटीपुरा, 5वीं गली,

कैम्प पूना,

फरवरी, 1930

सेवा में,

सचिव,

अखिल भारतीय, दलित वर्ग कांग्रेस,

नागपुर,

महोदय,

मुझे आपका दिनांक 1 फरवरी 1930 का मुद्रित पत्र मिला। मुझे यह जानकर हार्दिक प्रसन्नता हुई कि जल्द ही आप अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस का सम्मेलन नागपुर में आयोजित कर रहे हैं।

प्रस्तावित कांग्रेस की अध्यक्षता के लिए मैं डॉ. अम्बेडकर के नाम की प्रस्तावना करता हूं। तथा वे ही दलित वर्ग के प्रतिनिधि की भूमिका निभाने लन्दन में होने वाली गोलमेज अधिवेशन में भेजे जाएं।

मेरी हार्दिक इच्छा है कि हमारे बहुत वर्षों से पददलित रहे 6 करोड़ बन्धुओं के उत्थान करने सम्बन्धी प्रयास सार्थक हों।

भवदीय शुभचिंतक,

शिवराम जानबा काम्बले ख्2,

हरदास एल.एन.- सचिव, अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस, नागपुर, डा. अम्बेडकर के प्रशंसक व समर्पित अनुयायी, काम्पटी (विदर्भ से)। बाबु हरदास के नाम से ख्याति प्राप्त 1.2. सुर्वडे, खंड 1, पृ. 83-84 सुर्वडे, पृ. 84