102. 20.5.1945 भारत की स्वंतत्रता का लक्ष्य निर्विवाद है। - Page 362

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जूझना होगा - औद्योगीकरण और रक्षा। उन्हें बहुत संदेह था कि भारत के पास एक समय में दोनों दिशाओं में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन हैं, अतः उन्होंने कहा कि डोमिनियन स्थिति में ब्रिटेन पर कोई बाध्यता अधिरोपित नहीं होती, और अंतरराष्ट्रीय विधि के अनुसार इससे पूर्ण संप्रभुता अभिप्रेत है।

युद्धोत्तर काल में श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक ‘सामाजिक सुरक्षा तथ्य-अन्वेषी समिति *, नियुक्त की गई थी और उससे अगले अगस्त तक रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। उसके बाद समिति के निष्कर्षों पर विचार करने के लिए विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे।

श्री जी.एन. सहस्रबुद्धि ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। ख्1,

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1 द टाइम्स ऑफ इंडिया, 21 मई, 1945

* सोशल सिक्योरिटी फैक्ट फाइंडिग कमेटी