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दलित वर्ग की उपेक्षा
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दिनांक 12 मार्च, 1946 को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने मद्रास में एक भाषण दिया था। उसमें उन्होंने प्रथम गोलमेज सम्मेलन से लेकर तब तक दलित वर्गों के अधिकारों की बेहतरी के लिए अपने द्वारा किए गए प्रयासों की रूप-रेखा प्रस्तुत की और उन्हें निष्फल करने के लिए कांग्रेस पर इल्जाम लगाया।
कांग्रेस ने अपनी पूरी शक्ति दलित वर्गों की उपेक्षा करने में केंद्रीभूत की है। उन्होंने मुस्लिमों से सम्पर्क किया और अछूतों को दरकिनार करने की एक योजना बनाई। श्री गांधी मुस्लमों के चौदह सूत्री कार्यक्रम के लिए इस शर्त पर राजी हुए कि वे अनुसूचित जातियों का समर्थन नहीं करेंगे। लेकिन मुस्लिमों में मानवता की उत्कृष्ट भावना का आभार माना कि उन्होंने इस पेशकश को नामंजूर कर दिया और इस प्रकार अछूतों को अलग-थलग करने के लिए राजी नहीं हुए। ख्1,
* भाषण की तारीख कोई दूसरी हो सकती है, क्योंकि भाषण की तारीख और जय भीम का अंक एक ही प्रतीत होते हैं -संपादक। 1 जय भीम, मद्रास, 12 मार्च, 1946, ‘‘कांग्रेस अछूतों को दरकिनार करने का प्रयत्न करती है।’’