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कायम रखना है। हमारे सामने गैर ब्राह्मण पार्टी का इतिहास है। कांग्रेस पार्टी के उभरने से पहले अखिल भारतीय गैर ब्राह्मण पार्टी पराकाष्ठा पर थी, लेकिन जब गैर ब्राह्मण पार्टी के नेता अपने व्यक्तिगत प्रयोजन के लिए व्यक्तिगत रूप से कांग्रेस में चले गए, तो वे मानो खरीद लिए गए और इसी प्रकार तब और अब भी कांग्रेस में उनका कोई महत्व नहीं है। हालांकि वे बहुत बड़ी संख्या में हैं, लेकिन वे शासित हैं और अलग-अलग व्यक्तियों की अपेक्षा उनकी सहायता का अधिक महत्व है;
( ii ) आपके पास योग्य नेता होने चाहिए। आपके नेताओं के पास किसी भी राजनीतिक पार्टी के सर्वोच्च नेताओं के मुकाबले में साहस और योग्यता होनी चाहिए। कुशल नेताओं के बिना पार्टी शून्य होती है। 1931 में ब्रिटिश लेबर पार्टी की पराजय इसकी कारण हुई थी। भारत में गैर ब्राह्मण पार्टी को भी यही बात लागू होती है :
( iii ) किसी भी पार्टी में ऐसे ईमानदार नेता जो कभी बेचे नहीं जा सकते। अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उसी तरह से पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी के विकास के लिए दूसरी महत्वपूर्ण और अनिवार्य शर्त है। अनुसूचित जाति फेडरेशन को ऐसे अनेक नेता पैदा करने होंगे, किंतु मेरे विचार में ऐसा कोई भी नहीं जिससे मैं संतुष्ट होता। एक तरह से अनुसूचित जाति फेडरेशन को चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उनके नेता किसी भी कीमत पर कभी भी बेचे नहीं जाएंगे, लेकिन शेष लोगों का क्या होगा? वे सही स्थिति कब प्राप्त करेंगे? मेरी जरूरत पूरी करना आपका काम है। मैं आपको बार-बार बताता हूँ कि अनुसूचित जाति फेडरेशन को अपना राजनीतिक अस्तित्व कायम रखना चाहिए जो कि मेरे व्यक्तिगत हित में नहीं है बल्कि आपके लिए और मेरे लिए है।
‘‘अंत में मैं आपको बता दूँ कि आप सिद्धार्थ कालेज द्वारा दी गई सुविधाओं का सही इस्तेमाल करें। मुझे आशा है कि केवल इसी कालेज में, मैं अनुसूचित जातियों का नेतृत्व करने के लिए उदीयमान नेता को देख पाऊँगा और वह अपनी योग्यता साबित करेगा। हर मनुष्य को दुनिया में दो लालच होते हैं- पहला धन और दूसरा पत्नी और उसके बाद बच्चे। यह स्वाभाविक ही है, किंतु हम लोग ‘कुछ बच्चों’ का मतलब नहीं समझते। लेकिन उनके पास यह देखने के लिए समय ही नहीं है कि अनुसूचित जातियाँ कहाँ खड़ी है। इसलिए व्यापक रुप से अनुसूचित जातियों की जरूरतों पर
खरा उतरना आपका काम है। मुझे नहीं मालूम कि हमारी शक्तियों की कब जरूरत पड़ेगी, लेकिन हमें इंतजार करने और देखने के लिए चौकस रहना चाहिए।
‘‘अब तक आपने देखा कि हमारे अधिकांश छात्रों ने राजनीतिक आंदोलन में रुचि दिखाई है, किंतु उन्हें स्पष्ट समझ नहीं है कि राजनीति का क्या अर्थ है, उसमें क्या उत्तरदायित्व है और राजनीतिक गतिविधियों को कार्यरूप देने के लिए कौन