368 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इस सत्ता पर कब्जा कर लें और प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों, कांग्रेस और समाजवादी, के बीच शक्ति संतुलन बना सकें।
‘‘अनुसूचित जातियाँ कांग्रेस में शामिल होकर राजनीतिक सत्ता पर कब्जा नहीं कर सकती। यह एक बड़ा संगठन है और यदि हम कांग्रेस में शामिल हो जाएँगे तो हम सागर में केवल एक बूँद के समान होंगे। कांग्रेसियों का घमंड ऊँचा है, इसलिए हम इस संगठन में शामिल होकर अपने आपको ऊपर नहीं उठा सकते। हम कांग्रेस में शामिल होकर अपने शत्रुओं की शक्ति को ही बढ़ाएंगे।
‘‘कांग्रेस का घर जल रहा है और हम उसमें प्रवेश करके समृद्ध नहीं हो सकते। यदि कुछ ही वर्षों में यह बर्बाद हो जाए तो भी कोई आश्चर्य नहीं होगा। समाजवादी कांग्रेस से अलग हो गए हैं, इससे निश्चय ही कांग्रेस कमजोर होगी।
‘‘हमें अपने आपको एक तीसरे पक्ष के रूप में संगठित कर लेना चाहिए, ताकि यदि समाजवादी और कांग्रेस को पूर्ण बहुमत प्राप्त न हो तो वे हमारे मतों के लिए हमारे सामने गिड़गिड़ाएँ। तब हम शक्ति संतुलन बना सकते हैं और राजनीतिक समर्थन देने के लिए उनके मामले अपनी शर्तें रख सकते हैं।
‘‘मैं लोथियन समिति के सदस्य के रूप में 12 वर्ष पहले लखनऊ आया था। मैं यह देखकर खुश हूँ कि अब अनुसूचित जातियों में और अधिक राजनीतिक जागरूकता है। हमने उत्तर प्रदेश में सत्याग्रह किया। अपने समाज के लिए जो बलिदान दिए, मैं उसके लिए आपको बधाई देना चाहता हूँ। यह इस बात को दर्शाता है कि यदि हम अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दृढ़संकल्प हो, तो हम किसी भी अड़चन के बावजूद इनहें प्राप्त कर लेंगे।
‘‘कांग्रेस की सरकार में मेरे शामिल होने के कारण अनुसूचित जातियों में बहुत अधिक भ्रम का वातावरण है और मैं उस आशंका और संदेह को दूर करना चाहता हूँ। अंग्रेजों ने अपनी घोषणाओं का सम्मान नहीं किया और हिंदुओं, मुसलमानों और सिखों को ही उन समुदायों के रूप में मान्यता दी, जिन्हें सत्ता हस्तांरित की जा सकती है।
‘‘मुझ से पूछा जाता है कि कांग्रेस के खिलाफ 25 साल लड़ने के बाद भी मैंने इस नाजुक मौके पर मौन रहना क्यों पसंद किया। आखिरकार हर समय लड़ना भी तो कोई श्रेष्ठ रणनीति नहीं है। हमें अन्य उपायों का भी सहारा लेना होता है।
‘‘अंग्रेजों ने हमें अधर में छोड़ दिया और हमारा समाज विभाजित हो गया। हमारे लोगों में अनेक पंचमाँगी हैं। उस समय ऐसे शक्तिशाली संगठन से मतभेद