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रखना हमारे हित में नहीं था।
‘‘हमने सुलह की नीति अपनाई और बहुत कुछ सफलता भी पाई। हमने वह सब नहीं पाया जो हम चाहते थे। फिर भी हमने बहुत कुछ पाया। हमने विधानमंडलों और सेवाओं में आरक्षण प्राप्त किया है और हमारी अधिकांश माँगे स्वीकार कर ली गई हैं। पृथक, निर्वाचक मंडल की हमारी माँग नहीं मानी गई है, लेकिन हमें इसके लिए शर्मिंदा नहीं होना चाहिए, क्योंकि अन्य अल्पसंख्यक भी इस संबंध में असफल रहे हैं। यह समय कांग्रेस के साथ मतभेद रखने का समय नहीं है। हमें सुलह और सहयोग के माध्यम से अधिकाधिक पा लेना चाहिए।
‘‘मैं केंद्रीय सरकार में शामिल हो गया हूँ : लेकिन मैं कांग्रेस का सदस्य नहीं हूँ और ऐसा कोई इरादा भी नहीं है। मुझे कांग्रेस द्वारा केंद्र सरकार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था और मैं उसमें बिना शर्त शामिल हुआ हूँ। मैं किसी भी समय अलग हो जाऊःगा। मेरे विचार में वहाँ टिके रहना व्यर्थ है। हमारी शर्त के अनुसार यह आवश्यक है कि हमारे लोग प्रशासन तंत्र में होने चाहिए। न्यायसंगत विधान का डर नहीं है, लेकिन अच्छे कानून भी बुरी तरह प्रशासित हो सकते हैं, और यदि सरकार में ऐसे लोग हों, जो परंपरा से अनुसूचित जातियों के हितों के खिलाफ हों तो हमारे लिए कोई आशा नहीं हो सकती। बेगार के लिए कानून की कोई मंजूरी नहीं है, लेकिन यह जमींदारों का कानून है और अनुसूचित जातियों की याचिकाओं की उपेक्षा कर दी गई है, क्योंकि जो अधिकारी इन याचिकाओं को प्राप्त करते हैं। उनमें से ज्यादातर पीड़कों के रिश्तेदार हैं। यदि कुछ अनुसचित जातियों के सदस्य पदासीन होते, तो वे अपने बंधुओं को उचित संरक्षण प्रदान कर पाते।
यदि मैं कांग्रेस में शामिल होऊँगा तो मैं अपना इरादा घोषित करने के बाद ऐसा करुंगा। यदि ऐसा करना अनुसूचित जाति के हित में होगा तो मैं ऐसा करने के लिए आपको सलाह दूँगा। लेकिन जब तक मैं खुलकर आपको कांग्रेस में शामिल होने के लिए न कहूँ, तक तक इसमें शामिल नहीं होना है।
‘‘पिछड़े वर्ग के लोग अपने अलगाव के कारण दुखी रहे, उन्हें ऊँची जातियों से राजनीतिक शक्ति कब्जाने के लि कए संयुक्त मोर्चा खोलना होगा। व्यस्क मताधिकार की प्रणाली से जनता के पास राजनीतिक शक्ति आई है और मेरी राय में यदि यू.पी. में डेढ़ करोड़ अनुसूचित जाति के लोग और एक करोड़ पिछड़े वर्ग के लोग एक सामान्य लक्ष्य पर हाथ मिला लें, तो वे विधानमंडल में अपने 50 प्रतिशत सदस्य चुन सकते हैं और राजनीतिक शक्ति हथिया सकते हैं। यदि पिछड़े वर्ग के