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‘‘मेरी राय में इसका मुख्य कारण कुल देवी की पूजा थी। भारत में ग्राम देवी और राष्ट्र देवी की भाँति कुल देवी भी होती थीं जिनकी पूजा ब्राह्मणों के माध्यम से की जाती थी। जो पुजारी इन देवी-देवताओं की पूजा के लिए जाते थे, उन्होंने महारानियों के माध्यम से राज्य के कार्यों में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया था। बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अशोक ने ये रीति-रिवाज बंद कर दिए और ऐसे देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ हटा दीं। अशोक ने कहा था, चूँकि मैं बुद्ध में श्रद्धा रखता हूँ, जो ज्योतिपुंज हैं, इसलिए किसी अन्य देवी-देवता की पूजा करने की जरूरत नहीं है।’ अशोक की इस कार्रवाई से ब्राह्मण बहुत परेशान हो गए, क्योंकि इससे उनकी आजीविका और शोषण के उनके अनुचित साधन बंद हो गए। उन्होंने इस नुकसान का बदला लेने की शपथ ली।
‘‘ब्राह्मणों का विचार था कि मृत्यु के बाद राजा अपनी गलतियों और कमियों के कारण नरक भोगता है, इसलिए वे शासक बनने के लिए राजी नहीं होते थे बल्कि राजाओं के मुख्य सलाहकार बनना पसंद करते थे। उस नुकसान का बदला लेने के लिए जो उन्हें कुल देवी की पूजा बंद करने के कारण हुआ था, ब्राह्मणों ने केवल सलाहकार बनने का अनुमोदित लक्ष्य त्याग दिया और उन्होंने सत्ता हथियाने की कोशिश की। अपने शुभचिंतक क्षत्रियों की मदद से उन्होंने बौद्ध धर्म के खिलाफ एक संयुक्त ब्राह्मण-क्षत्रिय गठजोड़ बनाया। इस प्रकार भारतीय समाज में ब्राह्मणत्व का पुनः उत्थान बौद्ध, धर्म के पतन का एक कारण है।
‘‘भारत में बौद्ध धर्म के पतन के लिए विदेशी आक्रमण भी जिम्मेदार हैं। यूनानियों ने बौद्ध धर्म को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया। इस बात के निश्चित साक्ष्य विद्यमान हैं कि यूनानियों ने बौद्ध गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उदारतापूर्वक दी थी। हूणों ने भारत पर आक्रमण किया और गुप्त राजाओं से पराजित होने के बाद वे भारत में रहने लगे। इससे पहले हूणों ने बौद्ध धर्म को नष्ट करने की कोशिश की थी। बौद्ध धर्म को सबसे पहले गहरा प्रहार मुस्लिम आक्रमणों से मिला। उन्होंने बुद्ध की प्रतिमाओं को नष्ट कर दिया और भिक्षुओं को मार डाला। उन्होंने महान नालंदा विश्वविद्यालय को बौद्धों का किला समझ लिया और उन्हें सैनिक समझकर असंख्य भिक्षुओं की हत्या कर डाली। जो थोड़े बहुत भिक्षु उस नरसंहार से बच गए थे, वे नेपाल, तिब्बत और चीन जैसे पड़ोसी देशों को भाग गए।
‘‘मेरे कुछ हिंदू मित्र अक्सर पूछते हैं कि भारत में हिंदू धर्म भी मूर्ति पूजा को मानता है फिर यह कैसे बचा और बौद्ध धर्म समाप्त हो गया। मेरा जवाब है कि धर्म चाहे कोई भी हो इसे बचाने के लिए पुजारी समुदाय होना आवश्यक है। बौद्ध