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ढांग बन जाएगी
डॉ अम्बेडकर ने 28 अक्तूबर, 1951 को लुधियाना में चुनाव अभियान के दौरान एक भाषण दिया था।
उन्होंने कहा -
‘‘प्यारे भाइयों और बहनो,
‘‘मैं अपने लोगों से बात करने के लिए लुधियाना पहली बार आया हूँ। पहले भी अनेक बार मैंने यहां आने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण मैं यहां नहीं आ सका। यह कितना शुभ अवसर है कि आप सब लोग यहां एकत्र हैं।
‘‘आप जानते हैं कि 2-3 महीनों में चुनाव होने वाले हैं, जिनमें बहुत दल भाग ले रहे हैं। अनुसूचित जाति फेडरेशन भी चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े कर रहा है। हम राज्य विधानसभाओं में और संघीय संसद में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सभी स्थानों के लिए चुनाव लडें़गे तथा कुछ साधारण सीटों के लिए भी चुनाव लडे़ेंगे। जहां हमारे पास पर्याप्त संख्या में वोट हैं। आशा है हमारे उम्मीदवार कामयाब होंगे। हमारे उम्मीदवारों की कामयाबी अधिकांशतः हमारे अपने लोगों पर निर्भर करती है। यदि हमारे सब लोग हमारे उम्मीदवारों के लिए मतदान करेंगे तो मुझे, हमारी सफलता का पक्का विश्वास है और इसीलिए मैं जोर देकर यह कहना चाहूंगा कि अनुसूचित जाति के सभी लोगों को अनुसूचित जाति फेडरेशन द्वारा खड़े किये उम्मीदवारों के लिए मतदान करना चाहिए। यही संगठन अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़े वर्गों की एक मात्र संस्था है।
‘‘मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि अग्रेजों ने भारत पर अपने शासन के दौरान हमारे साथ किस प्रकार धोखा किया था। हालांकि वे भारत से हजारों मील दूर थे फिर भी वह हिन्दुस्तान में अपना राज कायम करने में सफल रहे। जब ईस्ट इंडिया कंपनी, पहली बार भारत आई थी, तो उसका प्रयोजन केवल व्यापार करना था, लेकिन धीरे-धीरे अंग्रेज यहां अपना राज स्थापित करने के लिए उत्सुक हो गये।