126. 28.10.1951 यदि हमारे प्रतिनिधि नहीं चुने जाएंगे, तो स्वाधीनता एक ढोंग बन जाएगी। - Page 433

412 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जो आज कांग्रेस का टिकट मांग रहे हैं। इसलिए आप सब इस समस्या पर विचार करें और फिर तय करें कि आप किस उम्मीदवार को वोट देंगे।

‘‘प्रत्येक पार्टी के पास या तो शक्ति हो या धन। हमारी जाति के पास न तो धन है न शक्ति। हम लोग गांव में इन सवर्ण हिंदुओं की दया पर छोटी-छोटी संख्याओं में रहते हैं। बनिये और मारवाड़ी भी शक्तिशाली नहीं हैं लेकिन उनके पास धन है। वे धन से कुछ भी खरीद सकते हैं। इसलिए आपके पास अपने लिए कुछ करने का यह एक मौका है। यदि आप एकजुट रहते हैं तो आप अपना प्रतिनिधि अपने हितों की रक्षा के लिए विधानसभाआें और संसद में भेज सकते हैं। अन्यथा आप बर्बाद हो जाएंगे। इसलिए आप अपनी जाति को अराजकता से बाहर लाने के लिए अनुसूचित जाति फेडरेशन के बैनर तले एकजुट हो जाएं। प्रत्येक अछूत अपने सच्चे प्रतिनिधि चुने जाने में फेडरेशन की मदद करे। बहुत सी पार्टियां आपके पास आएंगी और वोट मांगेंगी, लेकिन आप गुमराह न हों।

‘‘कुछ दिनां पहले पंडित नेहरू यहां आए थे। अखबारों में छपा था कि उन्हें सुनने के लिए दो-तीन लाख लोग एकत्र हुए थे। मुझे नहीं पता कि कितने लोग थे। कल जब मैं जालंधर गया था तो दो लाख से ऊपर लोग वहां थे लेकिन अखबार वालों ने छापा कि तीस हजार लोग वहां एकत्र हुए थे। मैं जो कुछ आपसे कहना चाहता हूँ वह यह है कि यदि कांग्रेस का कोई सम्मेलन होता है, तो भले ही श्रोता बहुत कम हों फिर भी वे यह छापेंगे कि भारी जन समूह ने सम्मेलन में भाग लिया। पांच के लिए वे पचास कहेंगे, पचास के लिए पांच सौ कहेंगे। पांच सौ के लिए पांच हजार और पांच हजार के लिए पांच लाख छापेंगे। मैं प्रेस वालों की आलोचना करना नहीं चाहता। उन्होंने अनेक वर्षों से मेरी आलेना की है, लेकिन उसके बावजूद मैंने तन-मन से प्रगति की है। मैं विशाल जन समूह देखना नहीं चाहता, मैं चाहता हूँ कि हमारे लोग इन सवर्ण हिंदुओं के अत्याचारों के खिलाफ लड़ने के लिए संगठित हों। मैं चाहता हूँ कि हमारे लोग मुझे सुने। इस बात का कोई महत्व नहीं है कि उनकी संख्या कम है या ज्यादा।

‘‘प्रत्येक राजनीतिक दल ने अपना चुनाव घोषणा पत्र प्रकाशित किया है। प्रत्येक वादा करती है कि यदि वह सत्ता में आई तो वह यह करेगी, वह करेगी। अनुसूचित जाति फेडरेशन ने भी एक बहुत बड़ा घोषणा पत्र छापा है लेकिन जब उन्हें समझ में आया कि आम आदमी इसे नहीं समझ पायेगा तो उन्होंने इसमें संशोधन किया और उसका छोटा घोषणा पत्र बनाया। मुझे आशा है कि धीरे-धीरे उनका घेषणा पत्र छोटा और अधिक छोटा होता जाएगा और एक दिन आएगा जब कांग्रेस