126. 28.10.1951 यदि हमारे प्रतिनिधि नहीं चुने जाएंगे, तो स्वाधीनता एक ढोंग बन जाएगी। - Page 434

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का कोई घोषणा पत्र नहीं होगा। मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि घोषणा पत्र में क्या होना चाहिए, क्या नहीं। मैं सभी राजनीतिक दलों को चुनौती देता हूँ कि वे यह पता लगाने के लिए एक समिति बनाएं कि कान-सा घाषणा-पत्र सर्वोत्तम है। मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि हमारा घोषणा पत्र सबसे अ़च्छा है। सभी दलों ने अपने -अपने घोषणा पत्रों में लोगों से अनेक बातों के वायदे किये हैं। वायदा करना आसान है। लेकिन उसे कार्य रूप देना कठिन है। यदि आप किसी चीज का वायदा करते हैं तो आप सैकड़ों चीजों का वायदा कर सकते है। घोषणा पत्र केवल वायदों की सूची नहीं होना चाहिए, उसमें देश की समस्याएं उठाई जानी चाहिए और इन समस्याओं का समाधान क्या होगा, यह भी बताया जाना चाहिए। क्या कांग्रेस के घोषणा पत्र में ऐसी कोई चीज है? कांग्रेस के घोषणा पत्र में केवल एक चीज पर जोर दिया गया है वह है मुस्लिम समस्या। कांग्रेस के अनुसार देश के सामने और कोई समस्या नहीं है। क्या कोई भी इससे सहमत हो सकता है? बेशक मुस्लिम समस्या तब थी जब भारत संयुक्त था और कोई पाकिस्तान नहीं बना था। लेकिन तब भी यही एकमात्र समस्या नहीं थी। मुसलमान पाकिस्तान चले गये हैं कि भारत में केवल हिन्दू सिख और अन्य अल्पसंख्यक हैं। क्या आप समझते हैं कि भारत के सामने अब भी मुस्लिम समस्या है? क्या आप इससे सहमत हैं कि दलित वर्गों के लिए कुछ नहीं किया जाना चाहिए जो मुसलमानों से दस गुना ज्यादा गरीब और पिछड़े हुए हैं? अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां और आपरधिक जनजातियां हैं जिन पर सरकार को अधिक ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन कांग्रेसी कहते हैं कि लोगों को साम्प्रदायिक प्रवृत्ति का नहीं होना चाहिए, और इन पिछड़े वर्गों के लिए कोई विशेषाधिकार नहीं मांगा जाना चाहिए। दूसरी समस्या भारत में गरीबी की समस्या है। भारत में लोग बहुत गरीब हैं । इतने गरीब कि 90 प्रतिशत लोगों के पास पेट भर भोजन नहीं है। उनके पास कपड़े नहीं है। उनके पास रहने के लिए कोई मकान नहीं है। हर साल करोड़ों रुपये के खाद्य पदार्थ आयात किये जाते हैं। यदि हमें खाद्य पदार्थ भी आयात करना पड़ता है और इतना धन खर्च करना पड़ता है तो हम कैसे आगे चल पाएंगे? लेकिन कांग्रेसियों के दिमाग में ये सब चीज नहीं हैं। उन्हें केवल एक समस्या का हल निकालना है और वह है मुस्लिम समस्या।

‘‘मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि हम अनुसूचित जाति फेडरेशन के माध्यम से आगामी चुनाव में उम्मीदवार खडे़ कर रहे हैं। अनुसूचित जाति फेडरेशन सभी पिछडे़ वर्गों के लिए है। प्रत्येक पिछ़े वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, किसी