127. 29.10.1951 अपना लक्ष्य पाने के लिए गरीबों को अलग से एकजुट होना होगा। - Page 437

416 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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अपना लक्ष्य पाने के लिए गरीबों को अलग से

एकजुट होना होगा

पटियाला, पंजाब में 29 अक्टूबर 1951 को चुनाव अभियान के दौरान डॉ. अम्बेडकर का भाषण उन्होंने कहा-प्रिय भाइयो!

‘‘जेसा कि मेरे मित्र श्री राजभोज ने आपको बताया है कि आज मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मुझे लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ी थी इसलिए मेरा स्वास्थ्य ऐसा है। अतः मैं बहुत लम्बा तो नहीं बोल सकूंगा, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर मैं बोलूंगा।

चुनावों में पूरा हिंदुस्तान व्यस्त है। बहुत से राजनेता और राजनीतिक दल ऐसे भी हैं, जिनके पास चुनाव के अलावा कुछ और भी नहीं। आगामी चुनावों के प्रति लोगों की चिंता देखकर मुझे अच्छा लगता है और मेरा मानना है कि किसी भी पार्टी या व्यक्ति को वोट देने से पहले हमें सौ मर्तबा सोचना चाहिए। आज जिन लोगों को चुन लिया जाएगा, वे पूरे पांच साल तक लगातार सत्ता में रहेंगे। इसलिए हमें यह काम सावधानी से करना होगा। यह केवल राजनीतिक दलों के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों के लिए भी जीवन-मरण का प्रश्न है। अतएव प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक राजनीतिक दल को, चुनाव में उचित प्रकार से हिस्सा लेना होगा, क्यांकि उनका अस्तित्व संकट में है।

हम जानते हैं कि भारतवर्ष में कांग्रेस आज सत्तारूढ़ दल है। चालीस वर्ष पुरानी इस पार्टी के पास खर्च करने के लिए काफी धन है। पिछले चार-पांच वर्ष से कांग्रेस पार्टी भारत पर राज कर रही है और कांग्रेसी लोग लोगों से कांग्रेस के लिए वोट मांग रहे हैं। उनका तर्क है कि दूसरी पार्टी इतनी मजबूत नहीं है कि सरकार चला सके औरजो उपलब्धियां अतीत में कांग्रेस ने हासिल कर ली है तथा भविष्य में हासिल कर लेगी, वह किसी दूसरी पार्टी के बूते के बाहर हैं। उनका कहना है कि चूंकि केवल कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में ही भारत फल-फूल सकता है, इसलिए लोगों को चाहे उनका मजहब, उनकी जाति या संप्रदाय कुछ भी हो, चाहिए कि वे कांग्रेस के प्रत्याशियों को वोट दें तथा आगामी चुनाव में उन्हें जिताएं। कांग्रेसी यही प्रचार कर रहे हैं।