127. 29.10.1951 अपना लक्ष्य पाने के लिए गरीबों को अलग से एकजुट होना होगा। - Page 440

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संबंधित मंत्री ने अपने एक मित्र से कुछ कपड़े लिए थे और वह इतफाक से एक व्यवसायी है, इसलिए उनके इस कृत्य को घूसखोरी की संज्ञा नहीं दी जा सकती है। लेकिन मि. ऐटली ने उस मंत्री को मंत्रिमंडल से यह कहकर निष्कासित कर दिया कि उन्होंने कपड़े बिना कोई पैसा दिये एक व्यवसायी से प्राप्त किये, वह चाहे उनका मित्र हो अथवा शत्रु। लेकिन हमारी कांग्रेस सरकार अपना यह कर्तव्य भी महसूस नहीं करती, कि मंत्रियों के विरुद्ध आरोपां की जांच होनी चाहिए, मंत्रिमंडल से उन्हें बर्खास्त करना तो दूर की बात है।

कांग्रेसी, लोगां से कांग्रेस के लिए वोट डालने के लिए कहते हैं और यह वायदा करते हैं, कि वे सभी के हित के लिए काम करेंगे। उनका कहना है कि वे गरीबी समाप्त कर देंगे और पिछड़े वर्गों को बेहतर जीवन स्तर प्राप्त करने में सहायता करेंगे। मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूँ क्या सांप और नेवला साथ-साथ रह सकते हैं? क्या बिल्ली, चूहे की सहायता कर सकती है? क्या हाथी कभी चींटी के साथ रह सकता है? निश्चित रूप से अगर सांप चाहे कि वह नेवले के साथ घुल-मिलकर रहे, और इसका कोई लाभ हो, तो उसकी समझ गलत है। नेवला सांप को खा जाएगा। चूहा अगर बिल्ली की संगत करेगा तो बिल्ली उसे निगल जाएगी। इसी तरह हाथी चींटी के साथ सुखपूर्वक नहीं जी सकता है। नेवला सांप का दुश्मन है, बिल्ली चूहे की शत्रु है और चींटी हाथी की शत्रु है। वे कभी एक-दूसरे के साथी नहीं बन सकते।

इसी तरह इंसानों की दुनिया में, मजबूत और कमजोर दोनों तरह के लोग हैं। वे एक-दूसरे के शत्रु हैं और निश्चित है कि कमजोर लोग मजबूत लोगों की संगति में आराम से नहीं रह सकते। साहूकार अपने फायदे के लिए लेनदार का शोषण करेगा ही। बनिया गरीबों से जितना निचोड़ सकता है उतना निचोडे़गा। गरीब अनुसूचित जातियों के लिए ब्राह्मण कभी सहानुभूति नहीं दिखाएगा, क्योंकि ऐसा करने पर उनकी सेवा कौन करेगा? इस संसार में बहुत-से वर्ग हैं जो परस्पर शत्रु हैं। धनी वर्ग भी और गरीब वर्ग भी, और सभी हमेशा गरीबों का शोषण करते हैं। अब मेरा आपसे सवाल है कि अगर हम सांप, नेवला, बिल्ली, चूहा, हाथी और चींटी की कोई पार्टी बनाते हैं तो क्या उसमें सांप, चूहा और हाथी सुरक्षित रह सकेंगे? यकीनन तौर पर नहीं। वे हमेशा अपने मालिकों की दया पर निर्भर रहेंगे। इसी प्रकार यदि दलित वर्ग ब्राह्मणों से हाथ मिलाकर एक राजनीतिक पार्टी बना लेते है, तो क्या आपको लगता है कि दलित वर्ग वहां सुरक्षित रहेगा? मैं आप लोगों को आगाह करता हूं कि आप सतर्क हो जाएं और इस मामले पर अच्छी तरह से विचार करें। आप कांग्रेस के बिछाए जाल में न उलझें। अगर आपको लगता है कि सवर्ण जाति