127. 29.10.1951 अपना लक्ष्य पाने के लिए गरीबों को अलग से एकजुट होना होगा। - Page 443

422 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

हमें सिर्फ इसलिए कोई विकास नहीं करने दिया, क्यांकि उनकी सेवा करने के लिए कोई अन्य वर्ग नहीं था। कोई ऐसा समुदाय नहीं था, जो उन निकृष्ट कार्यों को करता जो हम करते रहे हैं। हम उनके जैसे ही हैं। फर्क इतना है कि उनके धर्म के अनुसार इस संसार में हम उनकी सेवा के लिए हैं, उनका बराबरी का हक पाने के लिए नहीं। ये उच्च वर्ग के लोग हमारे सामने पहाड़ों जैसी समस्याएं रख रहे हैं। हमारे सामने तरह-तरह की मुसीबतें पैदा की जा रही हैं ताकि हम किसी प्रकार की प्रगति न कर सकें।

हमने कुछ अधिकार प्राप्त तो कर लिए हैं, लेकिन ये कांग्रेसी हमें इन अधिकारों का लाभ प्राप्त करने से वंचित करने के लिए अड़े हुए हैं। अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटों पर वे अपने खुद के उम्मीदवारों को खड़ा कर रहे हैं। जब सामान्य सीट के लिए कांग्रेस पार्टी किसी उच्च वर्गीय व्यक्ति को टिकट देती है, तब उनसे ढेरों सवाल किये जाते हैं। सबसे पहले वे यह जानना चाहते हैं कि वह आदमी कितनी बार जेल जा चुका है। वे जानना चाहते हैं कि आजादी की लड़ाई में उन्होंने कितनी रुचि दिखाई थी। मैं इन कांग्रेसी लोगों से पूछता हूं कि जब कोई अनुसूचित जाति का उम्मीदवार किसी आरक्षित सीट के लिए उनका टिकट मांगता है, तो ये सारे सवाल उससे क्यां नहीं किये जाते हैं? राष्ट्र को दी गई उनकी सेवाओं को महत्व क्यों नहीं दिया जाता? आरक्षित सीटों के लिए वे केवल गैर-लोकप्रिय और अशिक्षित लोगों का चयन ही क्यों करते हैं? उनके चयन का आधार क्या है? वे उनसे क्यों नहीं पूछते हैं कि सविनय अवज्ञा आंदोलन में उन्होंने कांग्रेस की सहायता की थी अथवा नहीं? क्यों सिर्फ मूर्खो का चयन किया जाता है?

अगर सदनों में ‘अनुसूचित जाति फेडरेशन’ के माध्यम से हमारे वास्तविक प्रतिनिधियों का चयन हो, तो हमारी समस्याआें का निस्तारण हो सकता है। अगर वे हमारा काम नहीं करते हैं, तो हम उनकी भर्त्सना कर सकते हैं। उनसे जवाबदेही ले सकते हैं। मुझे अब राजनीति में आये 30 बरस हो चुके हैं। मैंने और गांधी ने राजनीति में साथ-साथ कदम रखे थे। आठ वर्षों के लिए मैं मंत्री था। अगर मैं चाहता तो जीवन-पर्यन्त सरकार में मंत्री बना रह सकता था, लेकिन मेरा कोई स्वार्थ नहीं था। इसलिए मैंने कांग्रेस को छोड़ दिया है, क्योंकि मुझे लगता है कि वहां रहते हुए मैं अपने समुदाय के लिए कुछ नहीं कर सकता हूं। अगर आप सबने मेरे अनुरोध पर ध्यान नहीं दिया और हमारे वास्तविक प्रतिनिधियों का चयन नहीं हुआ, तो हम हमेशा के लिए कष्ट में जिएंगे। मैं आपको बताता चलूं कि यह आरक्षण केवल दस वर्षो अर्थात् केवल दो चुनावों के लिए है। दस वर्षों के पश्चात् आरक्षण नहीं रहेगा। मैं तो चाहता था कि आरक्षण तब तक लागू रहे जब तक छुआछूत है, लेकिन हमारे अपने