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सदस्यों ने, जिनका संसद में निर्वाचन कांग्रेस की टिकटों पर हुआ था, मेरा विरोध किया कि मैं अन्य जाति के हिंदुओं को छोड़ रहा हूं। कांग्रेस के टिकट की लालसा रखने वाले इन लोगों से मैं पूछता हूं कि जब आरक्षण सामाप्त हो जाएगा तब वे क्या करेंगे? क्या तब कांग्रेस उन्हें अपनी टिकट पर सामान्य सीटों से चुनाव में खड़े होने के लिए कहेगी? तब उन पर कोई थूकेगा भी नहीं। अतीत में इन सवर्ण लोगों ने हमारे साथ अपमानजनक बर्ताव किया था, और जब आरक्षण समाप्त हो जाएगा, तब वे फिर ऐसा करेंगे। मैं आपसे कहे देता हूं कि आज खुद वे हमसे सहानुभूति जता रहे हैं, तो सिर्फ इसलिए कि वे हमें मूर्ख बनाना चाहते हैं और आरक्षित सीटों पर जी-हुजूरी करने वालों को लाना चाहते हैं। आरक्षण समाप्त हो जाएगा, तो फिर से वे हमें भंगी, चमार संबोधित करेंगे। इसलिए मैं आप लोगों से कहना चाहता हूं कि अब आपको बहुत सतर्क हो जाना चाहिए और ‘अनुसूचित जाति फेडरेशन’ के बैनर तले संगठित हो जाना चाहिए। यह आपका कर्तव्य है कि आप अपना वोट संघ के उम्मीदवारों को दें जो आपके उद्देश्यों के लिए प्राणों की आहुति देंगे।
अब मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें बताना चाहता हूं सबसे पहले यह कि अनुसूचित जाति फेडरेशन का चुनाव चिह्न ‘हाथी’ है। मुझे ज्ञात हुआ है कि किसी अन्य पार्टी ने भी इस चिह्न का चुनाव यह कहकर किया है कि हमारा चिन्ह सिर्फ ‘हाथी’ है जबकि उनके चिह्न में हाथी पर एक चरखा भी है। इसलिए इससे सतर्क रहें, भ्रमित न हों। हमारी पार्टी का चिन्ह्न मात्र हाथी है, इसमें चरखा नहीं है।
दूसरी बात हमारी संख्या बहुत कम है। अगर हम अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं, तो वे दूसरे दलों के सामने नहीं टिक पाएंगे, क्योंकि बहुमत उन्हीं लोगों के पास हैं गांवों में हमारी संख्या सिर्फ 10 प्रतिशत है और आप भी मानेंगे कि इतने कम वोटों से हम आगामी चुनावों में सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए मैं आप सभी से निवेदन करूंगा कि हर स्त्री हर पुरुष अन्य सभी कार्यों को छोड़कर चुनाव के दिन अपना वोट जरूर दें। परिणामतः कम से कम हमें हमारा वोट तो मिलेगा। और यदि हमारे कुछ मतदाताओं ने भी मतदान नहीं किया, तो हमारे उम्मीदवार का जीतना बहुत मश्किल हो जाएगा।
तीसरी बात जो मैं आपके जेहन में डालना चाहता हूं वह ये है कि चूंकि हम अल्पसंख्यक हैं, इसलिए हमें चुनावों में किसी अन्य दल से गठजोड़ करना पड़ेगा। इस बार मतदान की वितरण प्रणाली रहेगी और जहां भी हमारी सीटें आरक्षित हैं, सभी लोगों को दो मताधिकार दिये जाएंगे। एक मत उस उम्मीदवार के लिए जो सामान्य सीट पर चुनाव लड़ेगा और दूसरा मत उस उम्मीदवार के लिए जो आरक्षित सीट पर लड़ेगा। हम अपना एक मत हमारे उस उम्मीदवार को देंगे, जो आरक्षित