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उस्मानिया विश्वविद्यालय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को
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सम्मानित किया
भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने अपने देश के लिए जो महान कार्य किया उसकी सराहना करते हुए अमेरिका की कोलम्बिया यूनिवर्सिटी ने उनका सम्मान किया, जहां के वह विद्यार्थी रह चुके थे। कोलम्बिया ऐसा पहला विश्वविद्यालय था जिसने एक विशेष दीक्षांत समारोह में डॉ. अम्बेडकर को एल.एल.डी. की उपाधि से अलंकृत किया। पूरे देश में केवल हैदराबाद दक्खन की उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने 12 जनवरी, 1953 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की।
इस दीक्षांत समारोह की पूर्व संध्या पर हैदराबाद के अखबार डेकन क्रानिकल में अपने 1953 के 13 जनवरी अंक में कहा।
‘‘डॉ. अम्बेडकर योग्यतम अधिवक्ताओं में से एक माने जाते हैं जो दलितों के मसीहा हैं और जिन्होंने भारतीय संविधान तैयार करने का प्रमुख बीड़ा उठाया था।’’ ‘‘उस्मानिया विश्वविद्यालय में 12 जनवरी 1953 के दीक्षांत की प्रक्रिया
‘‘कुलाधिपति का बोलना है
‘‘उस्मानिया विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह निम्नलिखित लोगों को मानद उपाधि से अलंकृत करने के लिए आयोजित किया गया है (1) डॉ. एम. राधाकृष्णन भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम.के. वेल्लोडी, (3) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर तथा उन अभ्यार्थियों को भी जिन्हें इस उपाधि के लिए प्रमाणित किया गया है, अब उन्हें उपाधियां प्रदान की जाएं।’’
(7) तब कुलपति महोदय उद्वरणों का पाठ करेंगे उक्त लोगों को भेंट करेंगे।
(8) प्रत्येक उद्वरण की समाप्ति पर कुलपति उपाधि प्रदान करेंगे और कहेंगे कि :-
‘‘उस्मानिया विश्वविद्यालय का कुलपति होने के कारण मुझमें निहित प्राधिकार