142. 12.1.1953 उस्मानिया विश्वविद्यालय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को सम्मानित किया - Page 485

464 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

के आधार पर मैं आपकों आपकी महत्वपूर्ण स्थिति और उपलब्धियों के आधार पर आपको डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से अलंकृत करता हूं।’’

डॉ. अम्बेडकर के लिए पैरा 8 में बोला गया उद्वरण निम्नवत् है :-

‘‘कुलाधिपति महोदय,

यह मेरे लिए सम्मान स्वरूप है कि मैं आपके समक्ष डाक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि प्रदान करने के लिए डॉ. अम्बेडकर को प्रस्तुत करता हूं।’’

1893 में जन्म लेने वाले डॉ. अम्बेडकर की शिक्षा सितारा और बम्बई में सम्पन्न हुई। बॉम्बे यूनिवर्सिटी से स्नातक होने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका गये और 24 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने वर्ष 1917 में डॉ. ऑफ फिलासफी की उपाधि अर्जित की। हिन्दुस्तान में लौटने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए बड़ौदा राज्य के वित्त मंत्री के रूप में सेवा का और तदनंतर मुंबई के सिडेनहम कॉलेज में राजनीतिक अर्थ व्यवस्था के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे। अपनी अगली विदेश यात्रा में वह इंग्लैंड गये और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनामिक्स में विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि के लिए अपना नामांकन करवाया। ‘द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी’ शीर्षक वाले उनके शोध प्रबंध की प्रशंसा पूरे विश्व भर के अर्थशास्त्रियों ने की।

उनका राजनीतिक कैरियर बहुत जल्द ही शुरू हो गया था, किंतु विधानसभा में उनका कैरियर तब शुरू हुआ जब सन् 1926 में उन्होंने बंबई विधानसभा में प्रवेश किया। कई महत्वपूर्ण समितियों और आयोगों के साथ-साथ उन्होंने भारतीय मुद्रा पर गठित रॉय कमीशन और भारतीय मताधिकार पर गठित लोथियन कमेटी के समक्ष साक्ष्य दिए। अपने कैरियर के प्रारम्भ से ही डॉ. अम्बेडकर सभी पददलित लोगों के कट्टर समर्थक रहे हैं। इन लोगों के कारण उनमें करुणा उपजती थी और वे अखिल भारतीय अनुसूचित जाति फेडरेशन के संस्थापक अध्यक्ष बने। अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन (1930-1932) में आमंत्रित किया गया था।

1942-46 से डॉ. अम्बेडकर ने वाइसराय की कार्यकारिणी परिषद में लेबर मेम्बर का महत्वपूर्ण पद संभाला। जब सन् 1947 में भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया तब उन्हें मंत्रिमंडल में कानून मंत्री के रूप में ले लिया गया। भारतीय संविधान का ढांचा तैयार करने की जिम्मेवारी उन पर आ गयी और इस संबंध में उन्होंने जो भूमिका निभायी है वह सभी भली-भांति जानते हैं।