142. 12.1.1953 उस्मानिया विश्वविद्यालय ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को सम्मानित किया - Page 486

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डॉ. अम्बेडकर की पढ़ने की लालसा अपरिचित है। वे सात भाषाएं जानते हैं। एक लेखक के रूप में उनकी पहचान है और उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हैं। ‘वॉट कांग्रेस एण्ड गांधी हैव डन फार अनटचेबुल्स’ ऐन्हेलेसन ऑफ कास्ट’ फेडरेशन वर्कस फ्रीडम‘’ ‘पाकिस्तान एण्ड पार्टीशन ऑफ इंडिया’ ‘रानाडे एण्ड गांधी’ इत्यादि उनमें है।

कुलाधिपति महोदय, डॉ. अम्बेडकर के रूप में मैं एक बहुत ही प्रतिष्ठित, महत्वपूर्ण उपलब्धियों से सज्जित और विशिष्ट सेवाएं प्रदान कर चुके व्यक्ति को प्रस्तुत कर रहा हूं जो योग्यतम अधिवक्ताओं में से एक, एक व्खाति प्राप्त विधायक तथा भारत के पद-दलित और पिछड़े लोगों के पक्षधर हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि डॉ. अम्बेडकर को डी. लिट की मानद उपाधि से अलंकृत करें।’

डॉ. अम्बेडकर को मानद उपाधि निम्न प्रकार प्रदान की गयी।

डाक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि

डॉ. अम्बेडकर को उनके महत्वपूर्ण पद एवं उनकी उपलब्धियों के संज्ञान में दीक्षांत समारोह में प्रदान की गयी है।

हैदराबाद दक्खन

12 जनवरी, 1853

कुलाधिपति

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