5. 8.8.1930 एक देश, एक संविधान एक और भाग्य की भावना से जुड़े लोग स्वाधीन होने का जोखिम उठाते हैं। - Page 49

28 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

शासन करने का अधिकार देने से पहले हमें उन कुलीनों की क्षमता या कार्यकुशलता पर नहीं बल्कि उनकी उपयोगिता पर नज़र डालनी चाहिए। एडीसन ने कहा था कि, ‘‘अगर अच्छी प्रतिभा से केवल प्रतिभावान को बिना यह सोचे विचारे कि उस प्रतिभा का उपयोग कैसे होता है सम्मान मिले तो मानव समाज की इससे बड़ी कोई और हानि नहीं हो सकती। प्रकृति की भेंट व कला में उपलब्धियां बहुमूल्य हैं परन्तु तभी जब वे गुणों के लाभ के लिये हों या सम्मानजनक नियमों से प्रतिबंधित हों। हम केवल उनकी बातों से ही प्रभावित न हो जाएं और कोई धारणा तब बनाएं जब हमें उनके द्वारा किये गए भले कार्यों की पुष्टि होने तथा उनके स्वच्छ हृदय की जानकारी मिल जाए अन्यथा उनकी ऊपरी सुन्दरता व उनकी बुद्धि कौशल का मोह भंग होने पर आप उनको घृणा करने को बाध्य हो जाएंगे’’। मैंने कुलीन रईस, जो कि राजनीतिक शक्ति पाने के लिए जोड़ तोड़ में लगे हैं के चरित्र के विषय में काफी कुछ कह दिया है तथा और अधिक नहीं कहना चाहता। ऐसी कुछ चीजें जिनके चलते रहने के लिए यह कुलीन रईस उत्तरदायी हैं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इस देश में 5 से 6 करोड़ जनसंख्या छुआछूत से अभिशप्त है और यह अभिशाप दुनिया में कहीं और नहीं है। उस जनसमूह को मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है तथा सभ्यता और संस्कृति के लाभों से भी दूर रखा जा रहा है। समानता के अधिकारों व अवसरों से वंचित वे बहुत अपमानजनक स्थिति में हैं। अछूतों के अतिरिक्त इस देश में लगभग उतनी ही बड़ी जनसंख्या आदिवासी व पहाड़ी जातियों की है जो बंजारे, बेघर, जंगलियों की तरह घूमने के लिए छोड़ दिये गये हैं व उनको सभ्यता व संस्कृति के दायरे में लाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। यह इस बात के जीते जागते उदाहरण हैं कि अमीर रईसों ने इनके प्रति बीते समय में कितना दायित्व दर्शाया। हमें यह विश्वास दिलाया जाता है कि भविष्य में इन रईसों का आचरण बिल्कुल भिन्न होगा। मुझे एक भी ऐसा दृष्टांत ध्यान में नहीं है जहां आज का शैतान रातों रात अगले दिन एक देवदूत में बदल गया हो।

  1. हमें यह भी समझाया जाता है कि सामाजिक समस्या को देश की राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त होने तक छोड़ा जा सकता है। कोई भी बुद्धिमान व्यक्ति इस तर्क से सहमत नहीं होगा। कहीं वार्तालाप में घुसने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसमें कोई छल तो नहीं। हम सब जानते हैं कि वह व्यक्ति जिसका कब्जा होता है वह बेदखल व्यक्ति से कहीं अधिक शक्तिशाली होता है। हम सब को यह भी मालूम है और ज्ञान भी होना चाहिए कि कोई