498 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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बौद्ध धर्म विश्व का उद्धारक होगा
डॉ. अम्बेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाने की घोषणा नई दिल्ली में जारी अपने इस वाक्य से की :
20, अलीपुर रोड
सिविल लाइन्स, दिल्ली
23 सितंबर, 1956
मेरे द्वारा बौद्ध धर्म अंगीकार करने की तिथि एवं स्थान का निर्धारण अब अंतिम तौर पर हो गया है। यह नागपुर में दशहरा के दिन, अर्थात् 14 अक्तूबर, 1856 को सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच होगा और शाम को उसी दिन मैं सभा को संबोधित करुंगा।
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
23 सितंबर, 1956
यह कार्यक्रम विस्तार से ‘प्रबुद्ध भारत’ साप्ताहिक में प्रकाशित हुआ था। यह सूचित किया गया था कि धर्मांतरण के इच्छुक व्यक्ति को 18 वर्ष से अधिक आयु का होना चाहिए। ख्1,
इस कार्यक्रम को आयोजित करने का पूरा उत्तरदायित्व ‘भारतीय बौद्ध परिषद’ की नागपुर शाखा को सौंपा गया था। समिति के सचिव श्री डब्ल्यू.एम. गोडबोले ने तदनुसार यह पर्चा प्रकाशित कराया :
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भारतीय बौद्ध समाज के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्रद्धेय डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर नागपुर में विजयादशमी के दिन रविवार, 14 अक्तूबर, 1956 को प्रातः 8 बजे बौद्ध धर्म अंगीकार करेंगे। यह धर्मांतरण बर्मा के पूजनीय भिक्षु चंद्रमनी महाथेरा, जो आजकल भारत में हैं, के द्वारा संपन्न किया जाएगा।
0 अशोक विजयादशमी
1 प्रबुद्ध भारत, 29 सितम्बर, 1956