158. 15.10.1956 बौद्ध धर्म विश्व का उद्धारक होगा - Page 536

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है। यह आशा का दिन है। यह उत्थान और उन्नति का मार्ग है। यह नया रास्ता नहीं। यह कहीं से लिया गया नहीं है। यह रास्ता यहीं से है। यह पूर्णतया भारतीय है। भारत में बौद्ध धर्म 2000 साल से है। सच तो यह है कि हमें खेद है कि हमने बौद्ध धर्म पहले ग्रहण क्यों नहीं किया। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं अमर हैं। लेकिन भगवान बुद्ध ने ऐसा दावा नहीं किया था। समय के परिवर्तन के साथ परिवर्तन का प्रावधान है। यह उदारता किसी अन्य धर्म में नहीं।

बौद्ध धर्म के नष्ट होने का मुख्य कारण मुस्लिमों का आक्रमण है। अपने हमलों के दौरान मुसलमानों ने भगवान बुद्ध की मूर्तियों को नष्ट कर दिया। बौद्ध धर्म पर यह पहला आक्रमण था। उनके आक्रमण से भयभीत होकर बौद्ध भिक्षु भाग गए। कुछ तिब्बत चले गए, कुछ चीन तो कुछ अन्य स्थानों पर चले गए। धर्म की रक्षा के लिए सामायोजन आवश्यक है। उत्तर पश्चिम में मिलिंद नाम का एक राजा था। वह हमेशा बहस करता था। उसमें उसे आनंद आता था। वह हिंदुओं से कहता था जो बहस करने वाला है वह आगे आए और बहस करे।

एक दिन उसने बौद्ध लोगों से बहस का विचार किया। बौद्ध लोगों ने नागसेन से प्रार्थना की कि बहस में बौद्धों का प्रतिनिधित्व वह करें। नागसेन विद्वान था। पहले वह ब्राहा्रण था। पुस्तक के द्वारा दुनिया भर को पता है कि नागसेन और मिलिन्द के बीच क्या बहस हुई। पुस्तक का नाम ‘मिलिंद पन्त’ है। मिलिंद ने एक प्रश्न पूछा था, ‘धर्म का पतन क्यों होता है?’ नागसेन ने उसके तीन कारण बताए थे। पहला कारण यह है कि एक धर्म विशेष स्वयं में अपरिपक्व है। ऐसे धर्म के मूल सिद्धांतों में कोई गहराई नहीं है। यह अस्थायी धर्म बन जाता है और ऐसे धर्म का जीवन बहुत कम होता है। दूसरा कारण यह है कि उस धर्म में जब कोई विद्वान उपदेशक नहीं होते, उस धर्म का पतन हो जाता है। विद्वानों को उस धर्म के दर्शन का उपदेश देना चाहिए। उस धर्म के उपदेशक यदि विरोधियों के साथ वाद-विवाद करने के लिए तैयार नहीं, तब धर्म का पतन हो जाता है। और तीसरा कारण यह है कि धर्म और धार्मिक सिद्धांत केवल शिक्षित लोगों के लिए है। आम लोगों के लिए तो केवल मठ-मंदिर है। वहां वे अलौकिक शक्ति की पूजा करने जाते हैं।

बौद्ध धर्म ग्रहण करते समय हमें यह बातें ध्यान में रखनी चाहिए, कोई यह नहीं कह सकता कि बौद्ध धर्म के सिद्धांत अस्थायी हैं। आज 2000 साल बाद भी सारा विश्व बौद्ध धर्म का आदर करता है। अमरीका में 2000 बौद्ध संस्थाएं हैं। इंग्लैंड में तीन लाख रुपए की लागत से बौद्ध मंदिर का निर्माण किया गया है। जर्मनी में भी 3-4 हजार बौद्ध संस्थाएं हैं। बुद्ध के सिद्धांत अमर हैं। फिर भी बुद्ध ने यह दावा नहीं किया है कि यह भगवान का धर्म है। बुद्ध ने कहा कि उनके पिता एक