158. 15.10.1956 बौद्ध धर्म विश्व का उद्धारक होगा - Page 540

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डॉ. अम्बेडकर का धर्मांतरण भारत में बौद्ध शासन की पुर्नस्थापना है

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‘‘इसी प्रकार से रंगनू, बर्मा के सर्वोच्च न्यायाधीश यू चान ने भी उनके ऐतिहासिक धर्मांतरण के लिए डॉ. अम्बेडकर को हार्दिक बधाई दी, तथा ‘बुद्ध और उनका धर्म’ के प्रकाशन संबंधी प्रयासों के बारे में सूचित किया। पत्र निम्नलिखित है-

सुप्रीम कोर्ट ऑफ यूनियन ऑफ बर्मा

दिनांक 22 अक्तूबर, 1956

प्रिय डॉ. अम्बेडकर,

अपने उस महानतम योगदान के लिए कृपया मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करें जो आपने भारत में बुद्ध शासन की पुर्नस्थापना करने की दिशा में किया है। इस जयंती वर्ष में आपकी स्मरणीय उपलब्धि के लिए बर्मा के सभी बौद्धों का हृदय उमड़ा पड़ता है। बुद्ध शासन कौंसिल और बर्मा के बौद्ध यह जानकर अत्यधिक प्रफुल्लित हैं कि आपके नेतृत्व में अब बुद्ध के देशवासी उस प्रकाश में आना प्रारंभ कर रहे हैं जिसको बुद्ध ने प्रज्जवलित किया था। हमें विश्वास है कि भारत के सभी भागों में बुद्ध शासन पुर्नस्थापित हो जाएगा।

अपनी ओर से मैं छोटे स्तर पर उसका अनुगमन कर सका हूं जो आपने बर्मा में तीसरे डब्लू.एफ.बी. सम्मेलन के दौरान प्रारंभ किया था। पिछले महीने की 28 तारीख को संगायन ग्रेट केव में आयोजित एक अत्यंत प्रभावोत्पादक समारोह में महाथेराओं की उपस्थिति में लगभग 5,000 तमिलों ने विधिवत बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया। केंद्रीय मंत्री तथा बौद्ध नेता तथा रंगून और बर्मा के अन्य भागों से बहुत-से अन्य तमिल आपकी पहल का अनुसरण करने के लिए जाग्रत किए जा रहे हैं।

आपको पहले नहीं लिख पाने के लिए मुझे आपको बहुत-से स्पष्टीकरण करने हैं और हजारों बार क्षमा मांगनी है। इस बीच मैं छट्ट संगायन तथा विदेशों, विशेषतया जापान में बौद्ध धर्म का प्रचार करने संबंधी गतिविधियों में बहुत व्यस्त रहा हूं। आपको कदाचित यह जानकर प्रसन्नता होगी कि जापान में थेरवाद बौद्ध धर्म की स्थापना के उद्देश्य से एक समिति का गठन करने के लिए मैंने जापान के प्रभावशाली बौद्ध नेताओं को राजी कर लिया है। वहां इस प्रकार जो केंद्र मई 1957 तक स्थापित होने

1 बालिसिंहा, डॉ. अम्बेडकर एंड हिज कंट्रीब्यूशन टु बुद्धिज्म’’, इन थॅट्स ऑन डॉ. अम्बेडकर कंपाइल्ड

बाई होती लाल निम, सिद्धार्थ एजुकेशन एंड कल्चरल सोसाइटी आगरा, 1969, पृष्ठ 94-95 बुशी

डॉ. पृष्ठ 320