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में होगा कि वे गोल मेज सभा में शांति वार्तालाप कर अवसर का लाभ
उठायें। वे इस बात को दबाव बनाकर कहें कि दलित वर्ग को पर्याप्त
प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए और तुम्हारा प्रतिनिधित्व केवल योग्य और
ईमानदार व्यक्ति ही करें जिन्हें आपका पूर्ण विश्वास प्राप्त हो।
- मेरे कई मित्रों ने मुझे सावधान किया है कि दलित वर्ग की तटस्थ रणनीति
का खामियाजा दलित वर्ग को काफी मंहगा पड़ेगा और उनको चाहिए कि
उन्हें अपने को ब्रिटिश सरकार या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में से एक के साथ,
मित्र बनकर जुड़ जाना चाहिए। मैंने इस प्रश्न पर गहनता से विचार किया
है और इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि दोनों से अलग अपनी स्वतंत्र पहचान
बनाए रहना ही दलित वर्ग के हित में है। जैसा कि मैंने कहा है कि मैं भारत
के लिए डोमिनियन स्थिति स्वशासित देश का दर्जा देने का विरोध नहीं कर
सकता क्योंकि मुझे पूरा विश्वास है कि ब्रिटिश सरकार हमारी समस्या का
समाधान नहीं कर सकती। मुझे यह समझ नहीं आता कि कांग्रेस के साथ
मिलने से हम अपनी समस्या के हल के नजदीक कैसे पहुंच सकते हैं ? ऐसा
कहते हैं कि कांग्रेस छुआछूत नहीं मानती और यही विशाल जन समूह का
प्रतिनिधित्व करने वाली एक संस्था है। निःसंदेह महात्मा गांधी के संरक्षण में
इस संस्था ने एक प्रस्ताव पारित कर छुआछूत प्रथा को एक अपराध माना।
परन्तु कांग्रेस ने इसका समाधान करने के लिए क्या किया? कांग्रेस की
सदस्यता बढ़ाने के लिए खद्दर को हर सदस्य के लिए विशेषाधिकार शर्त
घोषित किया। कांग्रेस ने खद्दर की जगह छुआछूत हटाने को हर सदस्य
के लिए विशेषाधिकार शर्त से क्यों नहीं जोड़ा? ऐसी विशेषाधिकार शर्त का
पालन अत्यंत सरल होता। ऐसी शर्त के पालन की पात्रता के लिए छूत को
किसी अछूत को अपने घर में सेवक या विद्यार्थी के रूप में अपनी शरण में
रखने की बात रखी गई होती। महात्मा गांधी ने छुआछूत दूर करने के लिए
क्या प्रयास किया? गाँधी के व्यक्तित्व, स्वयं का प्रभाव पैसे के संसाधनों तथा
धर्मपरायणता को देखते हुए छुआछूत की चर्चा तो की परन्तु प्रयोगात्मक उपाय
नहीं अपनाए। प्रत्येक वर्ष वह सूत कातने वालों के लिए धन इकट्ठा करने
यात्रा पर जाते हैं, क्या कभी उन्होने ‘छुआछूत हटाने’ के लिए धर्मयुद्ध छेड़ने
की घोषणा की? जितना वे चरखे पर खर्च करता है उसका एक सौंवा भाग
भी उन्होंने छुआछूत उन्मूलन पर खर्च नहीं किया? आप सबको विदित है कि
कैसे महात्मा गांधी ने तीन सप्ताह तक हिन्दू और मुसलमान एकता के लिए