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हिन्दुओं की आगामी पीढि़याँ मेरी सेवाओं को सराहेंगी
गोलमेज सम्मेलन में शामिल होने के बाद डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के आगमन की पूर्व संध्या पर सरकार ने बलार्ड पीयर बम्बई की व्यवस्था पर निम्न आदेशदिये थे :-
मौलाना शौकत अली और डॉ. अम्बेडकर का एस.एस. ‘मुल्तान’ समुद्री जहाज द्वारा 29 जनवरी 1932 को आगमन -
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अधीक्षक, ‘‘एच व आई’’ विभाग
‘‘सचिव बम्बई बन्दरगाह ट्रस्ट द्वारा सचिव, दलित वर्ग संस्थान, बम्बई को लिखित पत्र की प्राप्ति आपको सूचनार्थ प्रेषित की जाती है। इससे आप को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और मौलाना शौकत अली को बलार्ड स्तंभ पहुंचने पर दलित वर्ग और खिलाफत समिति को दी गई छूट के बारे में जानकारी मिलेगी। 2. आप बाड़ा के बन्दरगाह प्रबन्धक बन्दरगाह के इस माह की 27 तारीख की
टिप्पणी, जिसकी एक प्रति सीधे आपको प्रेषित कर दी गई है, पर ध्यान
दें और तदानुसार अपनी व्यवस्था करें। सचिव है दलित वर्ग और सचिव
खिलाफत समिति से हुई सहमति के अनुसार वैसी ही व्यवस्था की जाये
जैसी श्री गांधी के लिए की गई थी। दलित वर्ग के स्वयंसेवकों को सड़क
मार्ग पर हाल के प्रवेश द्वार से हरे द्वार तक पंक्तिबद्ध खड़े होने दिया
जाये। आवश्यकतानुसार अधीक्षक सामान्य यातायात में बाधा न आने देने
के लिए स्वयंसेवकों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करें। जहाज-घाट पर
किसी को जाने की अनुमति जब तक नाव को घाट पर रस्से से बांध न
लिया जाए, न दी जाए। पासधारकों के अलावा, किसी को भी जहाज तक
जाने के लिये चुंगी हाल के अन्दर प्रवेश न करने दें।
- अन्य गोलमेज अधिवेशन समितियों के सदस्यगण जो इसी नाव से पहुंच
रहे हैं के विरोध में काँग्रेस प्रदर्शन की सम्भावना है। अधीक्षक ‘अ’ विभाग
व्यवस्था बनाये रखने के लिए सुनिश्चित कार्यवाही करें। किसी भी परिस्थिति
में किसी विरोध पूर्ण प्रदर्शनकारी को बलार्ड स्तंभ की सीमा के आस-पास
न फटकने दिया जाए।