10. 29.1.1932 हिन्दुओं की आगामी पीढ़ियां मेरी सेवाओं को सराहेंगी। - Page 83

62 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. मोल क्षेत्र के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए टी विभाग से 3 अधिकारी

लिये जाएंगे। मोटर कार पहले की तरह पार्क की जाएंगी। 5. विरोध पूर्ण प्रदर्शनकारियों के लाल द्वार से प्रवेश पाने के प्रयास की संभावना

से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बिन्दु पर पर्याप्त सुरक्षा का इंतजाम

किया जाये।

  1. हाल के भीतर प्रवेश के लिए अनुमति पत्र की एक प्रति संलग्न है।
  2. मौलाना शौकत अली और डॉ. अम्बेडकर को जहाज से प्रातः 7ः15 से 7ः30

प्रातः के बीच उतरने की व्यवस्था की गई है और दोनों संगठनों के सचिवों

को बलार्ड स्तंभ प्रातः 8ः30 से पहले खाली करने की सूचना दे दी गई है।

विशेषाधिकार समिति के सदस्य प्रातः 8ः30 से प्रातः 9ः00 के बीच बलार्ड

स्तंभ से राज भवन के लिए कार से प्रस्थान करेंगे। ‘राज भवन’ कारें प्रातः

अनुमानित 8ः30 बलार्ड स्तभं स्थल पर लाल द्वारा से प्रवेश करेंगी। 8. एस.एस. ‘‘मुलतान’’ संभवतः प्रातः 4 बजे बलार्ड स्तंभ पर पहुंचेगा। डॉक

नाव के समय से पहले पहुंचने पर डाक गाडियों, कुलियों और डाक कर्मचारी

आदि को प्रवेश देने के लिए हरे द्वार को पोर्ट टस्ट द्वारा जल्दी खोल देने

का प्रचलन है। इस अवसर पर ऐसा नहीं किया जावेगा तथा डाक घर

कर्मचारी लाल द्वार से सीधे बलार्ड स्तंभ पहुंचेगे। संभवतः इस कारण हरा

द्वार खोलने से पहले लाल द्वार तथा बलार्ड स्तंभ पर अतिरिक्त चौकसी

बरतनी होगी।

( )

उपायुक्त पुलिस, बंदरगाह ख्1, प्रति

उप अधीक्षक, बलार्ड

‘‘डॉ. बी. आर. अम्बेडकर 4 जनवरी, 1932 रविवार को लन्दन वापस पहुंचे। 15 जनवरी, 1932 को उन्होंने लन्दन छोड़ा और मार्सेसिल्स से जहाज में बैठकर 29 जनवरी, 1932 को बम्बई पहुंचे। जहाज पर विशेषाधिकार समिति के ब्रिटिश सदस्य थे। वे ब्रिटिश प्रधान मंत्री ने नियुक्त किये थे, जिनमें डॉ. अम्बेडकर भी एक सदस्य के नाते शामिल थे। सदैव की भांति डॉ. अम्बेडकर के सामान में उनकी खरीदी नई पुस्तकें, 24 डिब्बों में उनके साथ थीं।