12. 7.5.1932 अछूतों को राजनीतिक शक्ति मिलनी चाहिए। - Page 96

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के मार्ग में समर्थक प्रशंसक अछूतों का कसरा से नागपुर के बीच डॉ. अम्बेडकर से

मिलने वालों का तांता लगा रहा।

7 मई, 1932 को सुबह 9 बजे रेल गाड़ी ने नागपुर स्टेशन पर प्रवेश किया और ‘‘डॉ. अम्बेडकर अमर रहें’’ के नारों से प्लेटफार्म गूंज उठा। कोई 5000 लोगों की विशाल भीड़ ने प्लेटफार्म पर भव्य स्वागत किया। तुलाराम सरवारे विधायक ने डॉ. अम्बेडकर व अन्य नेताओं की प्लेटफार्म पर अगवानी की। शहर दण्डाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए उपस्थित थे।

सभा का पंडाल सजाया गया था और यह 15000 लोगों के लिए पर्याप्त था। भाषण देने के लिए मंच खूब बड़ा था। क्योंकि भारत के चारों कोने से दलित नेता एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने को एकत्रित हुए थे। वातावरण में तनाव व उत्तेजना अनुभव की जा सकती थी। निर्धन होते हुए भी इतनी बड़ी संख्या में दलित प्रतिनिधियों का एकत्र होना बहुत आश्चर्यजनक था। यह भी बहुत महत्वपूर्ण था कि यह सभा डॉ. मुंजे व ‘‘राजा मुंजे समझौता’’ की घोषणा के तुरंत पश्चात अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ के महासचिव श्री गवई को लिखे पत्र में डॉ. अम्बेडकर ने उत्तेजनाजनक भाषा में ललकार कर लिखा था ‘‘अगर तुम्हारी संस्था संयुक्त निर्वाचक मंडल तथा सुरक्षित स्थानों की वकालत करती है तो यह हमारे बीच एक दरार पैदा करेगी तथा हम सबमें संघर्ष की स्थिति होगी’। ऐसा सुनने में आया था कि गवई ने लार्ड लोथियन को इस धमकी के विरोध में आपत्ति जताई थी।

7 मई की संध्या को सभा आरम्भ हुई। लगभग 200 संदेश अल्पसंख्यक समझौते के अनुरूप पृथक निर्वाचक मंडल के समर्थन और ‘‘राजा मुंजे समझौते’’ के विरोध में तथा सभा की सफलता के लिए शुभकामनायें जताने को प्राप्त हुए और पढ़कर श्रोताओं को सुनाए गए। बुद्ध महासभा के महासचिव ने शुभकामनाओं का संदेश भेजा और दलितों को बौद्ध धर्म अपनाने की सलाह दी। डॉ. अम्बेडकर की संस्था सुव्यवस्थित थी तथा इसने कड़े अनुशासन का पालन किया। बेचारे राजभोज और उसके समर्थकों को ऐसा समर्थन प्राप्त न था।

अध्यक्ष एल.एन. हरदास ने दलित वर्ग संघ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए दलित वर्ग की एकता को समय की मांग बताते हुए कहा, ‘‘पृथक हरदास नियम से हम तैरेंगे या डूबेंगे’’। मुनिस्वामी पिल्ले ने अपने दो घंटे के भाषण में सरकार के व्यवहार से असंतुष्टता दर्शायी तथा विशेषतया, सरकार से दलित वर्ग के प्रतिनिधियों की संख्या में कम से कम दो और प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के लिये कहा।