12. 7.5.1932 अछूतों को राजनीतिक शक्ति मिलनी चाहिए। - Page 97

76 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अगले दिन खुला सत्र आरम्भ हुआ। दलित वर्ग कांग्रेस ने 12 प्रस्ताव पारित किये। अल्पसंख्यक समझौते के अंतर्गत दलित वर्ग की न्यूनतम मांगे हैं और इनमें किसी प्रकार की कटौती सम्भव नहीं। इस संघ के प्रतिनिधियों ने राजा-मुंजे समझौते को नकारा क्योंकि यह दलित वर्ग की भलाई में नहीं था और उन्होंने डॉ. अम्बेडकर तथा राव बहादुर श्रीनिवासन द्वारा गोलमेज अधिवेशन में शानदार सेवाओं की प्रशंसा की। ख्1,

सभा का सम्बोधन करते हुए डॉ. अम्बेडकर ने कहा, ‘‘राजनीति की लगाम अछूतों के हाथ में आने की आवश्यकता है। उसके लिए हम सबको संगठित होना होगा तथा राजनीतिक प्रतिष्ठा प्राप्त करनी होगी। अछूत जब तक राजनीति तंत्र पर प्रभुता नहीं पा लेते, भारत से अस्पृश्यता जड़ से नहीं मिटेगी’’ ख्2, ।

अधिवेशन में, ‘‘इस प्रकार दलित वर्ग कांग्रेस ने घोषणा की कि वे डॉ. अम्बेडकर तथा अल्पसंख्यक समझौते का समर्थन करते हैं‘‘ ख्3, ।

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123 कीर, पृष्ट 199-200 जनता :14 मई, 1932 कीर, पृष्ट 200