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रहे हैं। आपको उनका अनुसरण करना होगा। हिंदुस्तान का देवता ब्राह्मणों के वश
में रह कर ब्राह्मणों की सोच रखने वाला हो गया है। वह आपके दुखों को नष्ट नहीं
करेगा। आपका दुख बैरिस्टर अम्बेडकर जैसा आदमी ही दूर कर सकता है। आज
अगर मैं महार होता तो बड़ी खुशी से आपके साथ जेल आता। आपको कानून भंग
कर अपने अधिकारों की प्रस्थापना करनी होगी। हिंदुओं के इतिहास में आज का
दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाएगा। आपको जेल से डरना नहीं चाहिए। ऐसा डर
घी चुपड़ी रोटी खाने वाले ब्राह्मणों को लगता है। स्पृश्यों को उनकी जगह दिखाना,
आपके अपने हाथ में है। आप हिंद पुत्र हैं। हर हर महादेव की जयकार कर तालाब
को काबीज कीजिए। आपके सेनापति डॉ. अम्बेडकर साहेब जो कहेंगे उसका पालन
कीजिए। मेरी अपनी यही राय है। गैर-ब्राह्मणों की पार्टी की राय हमसे अलग है।
और वही बताने के लिए मैं यहां आया हूं। फरियाद का फैसला आ जाने तक सत्याग्रह
को टाले रखिए, ऐसा संदेश गैर-ब्राह्मण संगठन ने आपके लिए भेजा है। उनकी
राय में सरकार का विरोध करना अस्पृष्य वर्ग के हित में नहीं होगा।“ उसके बाद श्री
केशवराव जेधे ने कहा, ”जिन लोगों ने आपको परेशान किया उनका आपको विरोध
करना उनका निपटारा करना ही होगा। यह इंसानियत की स्थापना करने की लड़ाई
है। गधे और कुŸो तक जिन तालाबों पर पानी पीते हैं, उन तालाबों पर आपका पानी
भरना मना है, यह बात लांछनास्पद है। आपने ‘भाला’, अखबार संग्राम समाचार पत्र
और मनुस्मृति का दहन किया, यह बहुत योग्य बात की। सत्याग्रह कर जेल जाना
ही मेरी राय में सही है। जो लोग आपका विरोध करेंगे, उनकी आप न सुनें।“ इस
प्रकार भाषण होने के बाद दोपहर डेढ बजे सभा स्थगित की गई।
सत्याग्रही लोगों की गिनती करने के लिए डॉ. अम्बेडकर ने पहले जैसे सुझाया
था, वैसे ही दस-बारह लोगों को यह काम सौंपा कि वे उन लोगों की सूची बनाएं
जो लोग जेल जाने के लिए तैयार हैं। घंटे भर में ही 3884 लोगों के नाम-पते इस
सूची में दर्ज हुए। वहां आए सभी लोगों का यही कहना था कि हम जेल जाने की
बात घरवालों से कह कर आए हैं तो अब हम ऐसे ही कैसे वापिस जाएं? आखिरकार
नाम लिखने के लिए बैठे हुए लोग ऊब गए। उन्होंने कहा, सब लोग तैयार हैं ऐसा
लगता है। फिर तो नाम लिखने का मतलब ही नहीं है। इसलिए करीब साढ़े तीन
बजे के आसपास नाम लिखने का काम बंद कर दिया गया। फिर डॉ. अम्बेडकर ने
कलक्टर साहब को खत लिख कर बताया कि लोगों का निश्चय हो चुका है कि वे
सत्याग्रह करेंगे। आपने कहा था कि आप सभा में आकर अपना पक्ष रखना चाहते
हैं शाम पांच बजे सभा की शुरुआत होगी। सो अगर आप चाहें तो आ सकते हैं।
इस प्रकार कलक्टर साहब और पुलिस सुपरिंटेंडेंट मि. फैरेंट, पुलिस इंस्पेक्टर और