19. अस्पृश्यों की उन्नति और महिलाओं की जिम्मेदारी - दिसंबर 1927 महाड - Page 152

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डॉ. अम्बेडकर के भाषण का वहां उपस्थित महिलाओं पर तुरंत असर होने का सबूत दूसरे ही दिन मिल गया। महिलाओं के ओढ़ने में जमीन-आसमान का बदलाव आया। उनके इस निश्चय के पुरस्कार स्वरूप उन्हें चोली और चूड़ी के लिए आठ-आठ आने देकर वहां से विदा किया गया। इसी प्रकार पुरुष वर्ग में भी बदलाव दिखाई दिया। उन्होंने भी हाथ-पैर-कानों आदि में से असभ्यता के लक्षणों का बोध कराने वाले गहने-जेवरों को तुरंत ही अपने शरीर से उतारकर उन्हें अपने से अलग कर दिया। इतना ही नहीं महाड़ म्युनिसिपालिटी की कचरापट्टी में झाडू वाले की नौकरी करने वाले महारों ने तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दिया।