23. इसी जन्म में सर्वांगीण उन्नति करनी होगी - फरवरी 1929 वालपाखाड़ी (मुंबई) - Page 161

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इसी जन्म में सर्वांगीण उन्नति करनी होगी

2 फरवरी, 1929 को वालपाखाड़ी में रात के 9 बजे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में मराठी, गुजराथी अस्पृश्यों की विशाल सभा हुई थी। ”बहिष्कृत भारत“ और ”समता“ इन अखबारों का प्रसार कर अस्पृश्य समाज में जागृति लाना, दिनांक 9 और 10 मार्च को मुंबई इलाका महार वतनदार परिषद की मदद करना आदि प्रस्ताव इस सभा में पारित किए गए। अस्पृश्योद्धारक डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने अपने भाषण में कहा -

”अस्पृश्य समाज को जिस हाल में हैं उसी हाल में रहने की मानसिकता छोड़ देनी चाहिए। अन्य समाज जिस प्रकार विद्या, अधिकार, संपिŸा पाने के लिए कोशिश करते हैं उसी तरह अस्पृश्य समाज को भी कोशिशें करनी होंगी। अगले जन्म में कल्याण होगा जैसी फालतू बातों पर विश्वास रखे बगैर इसी जन्म में और इसी समय में अपनी सर्वांगीण उन्नति साधकर मानवी समाज में समानता का दर्जा स्थापित कर लेना चाहिए। हिंदू समाज को भी अस्पृश्यता के पाप से मुक्त करना चाहिए।

इस सभा में प्रधान बंधु, कद्रेकर, गणपत बुवा जाधव, खोलवडीकर, गंगावणे आदि लोग हाजिर थे।

* ”समता“, 8 फरवरी, 1929