27. मुंबई इलाके की प्राथमिक शिक्षा की प्रगति - मई 1929 महाबलेश्वर - Page 179

162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इसका हमें पूरा यकीन है। शराबबंदी की नीति लागू करने में सरकार टालमटोल कर रही है और कहा नहीं जा सकता कि कब उसे लागू किया जाएगा। ऐसे में अगर पहले दारू-बंदी पर निर्णय लिया जाएगा तो फिर तो शराब बंदी भी नहीं और अनिवार्य शिक्षा भी नहीं, ऐसा हाल होगा। इस स्थिति ढुलमुल को स्वीकारने में क्या रखा है? उससे अच्छा यही होगा कि फिलहाल शराबबंदी पर अमल करने के नजरिए से आबकारी आय की कमी को पाटने के लिए लोगों को करों का जो नया बोझ सहना होगा उसे वे सहें और अनिवार्य शिक्षा का सुधार ही लागू करवा ले। साठे कमेटी ने शराब पर पाबंदी लगाने के लिए करों का जो सुझाव दिया था उसे अगर अनिवार्य शिक्षा के लिए लागू किया जाए तो एक महत्वपूर्ण मसले पर काम शुरू हो जाए। साठे कमेटी ने शराब पर पाबंदी लगाने के लिए जिन करों की सिफारिश की थी, उनका इस्तेमाल अगर प्राथमिक शिक्षा के सार्वत्रिकीकरण पर किया जाए तो एक महत्वपूर्ण मसले पर काम शुरू हो जाएगा। इस समिति की सिफारिशों में सुधारों के लिए अवसर न हो ऐसी बात नहीं है। हालांकि वह नीति अनिवार्य शिक्षा का खर्च पूरा करने के लिए कुछ हद तक काम आएगी। हालांकि, जो भी हो, शिक्षा का मसला टाला नहीं जाना चाहिए।